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थिंक टैंक ने नकारा रूस में लोकतंत्र विस्तार को

थिंक टैंक ने नकारा रूस में लोकतंत्र विस्तार को

रूस के सत्ताधारी दल ‘यूनाइटेड रशिया’ के करीबी थिंक टैंक की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान आर्थिक संकट को देखते हुए फिलहाल रूस में लोकतंत्र के और विस्तार की जरूरत नहीं है।

रूसी सांसद ब्लादिमीर प्लिगिन की अध्यक्षता में पब्लिक प्रोजेक्ट इंस्टीट्यूट की ओर से जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि निकट भविष्य में रूस में राजनीतिक व्यवस्था के प्रजातांत्रिकरण से ज्यादा बड़ी प्राथमिकता सुशासन रहेगी।

इस रिपोर्ट से रूसी राष्ट्रपति के पद पर आठ साल रहने के बाद अब प्रधानमंत्री बने व्लादिमीर पुतिन को मजबूती मिली है, जबकि हाल ही में देश की राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव की इच्छा जताने वाले राष्ट्रपति दमित्रि मेदमेदेव को झटका लगा है। रिपोर्ट में 2000 से 2008 के दौरान राष्ट्रपति के रूप में पुतिन के कार्यकाल को सफल सरकारों के लिए आदर्श बताया गया है।

मेदमेदेव चुनाव के बाद से अपनी उदारवादी छवि बनाने में लगे हुए हैं। कुछ आलोचकों का कहना है कि वह पश्चिमी देशों को खुश करने के लिए ऐसा दिखावा कर रहे हैं और बहुत छोटे स्तर पर किए जा परिवर्तन अधिक प्रभावशाली नहीं होंगें।

रूसी राष्ट्रपति ने देश की संसद में प्रतिनिधित्व के लिए न्यूनतम वोट प्रतिशत में कमी और मीडिया को विपक्ष के लिए सुलभ कराने के सुझाव दिए थे।

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