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विश्‍व बाजर में कच्चे तेल के बढ़ते दामों को देखते हुए डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ाने के आसार

विश्‍व बाजर में कच्चे तेल के बढ़ते दामों को देखते हुए डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ाने के आसार

निकट भविष्य में डीजल तथा पेट्रोल के दाम बढ़ाये जाने के आसार नजर आने लगे हैं। विश्व बाजर में कच्चे तेल की तेजी से बढ़ रही कीमतों से अब भारतीय तेल कम्पनियां हांफने लगी हैं। जनप्रिय सरकार का तमगा बनाये रखने के लिए खाना पकाने की गैस तथा कैरोसीन के दाम में बढ़ोतरी का जोखिम नहीं उठाया जा सकता। इसलिए सरकार के पास डीजल व पेट्रोल के दाम बढ़ाये जाने के अतिरिक्त कोई चारा नहीं बचता।

गुरुवार के आकलन के अनुसार तेल कम्पनियों को पेट्रोल में प्रति लीटर 3.15 रु. का घाटा उठना पड़ रहा है जबकि डीजल पर यह घाटा लगभग एक रुपया प्रति लीटर हो रहा है। अन्तरराष्ट्रीय बाजार में पिछले 6 माह में कच्चे तेल के दाम दोगुना हुए हैं जबकि देश में तेल की कीमत बढ़ाने के बजाए घटाई गई है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग व सड़कों के विकास के लिए डीजल तथा पेट्रोल पर लगने वाले ‘सेस’ को भी बढ़ाने का प्रस्ताव है। जून 2008 में रसोई गैस की 50 रुपये प्रति सिलिंडर की बढ़ोतरी से जनता को बचाने के लिए जिन राज्य सरकारों ने बढ़ी हुई कीमतों को खुद वहन करने का निर्णय किया था, अब कई ने इस भार को वहन करने में अपनी लाचारी व्यक्त कर दी है।

यदि इसका भार भी केन्द्र को उठाना पड़ा तो तेल का खेल और ज्यादा बिगड़ जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इस बजट में सरकार बजटीय घाटा कम करने के लिए कुछ कड़े फैसले ले सकती है। इस सूची के संभावित कदमों में पेट्रोल तथा डीजल के दामों में वृद्धि भी एक हो सकता है।

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  • Web Title:कच्चे तेल के दाम फिर बढ़ने के आसार