class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

समयानुसार रणनीति

पिछले कुछ महीनों में निवेश की स्थितियों में बदलाव आया है। लंबी उठा-पटक के बाद सेंसेक्स सुधार की पटरी पर आने लगा है। लेकिन फिर भी निवेश में एहतियात बरतने की सख्त जरूरत है। ऐसे में किसी इंडीविजुअल निवेशक को इक्विटी, डेट के साथ विभिन्न निवेशों में अपनी स्थिति का आकलन करना चाहिए। ताकि आप निवेश का बेहतर फायदा उठा सकें।

- किसी निवेश प्रक्रिया में पहला चरण यह होता है कि आपने कौन सा निवेश विकल्प चुना है। लेकिन एक बात हमेशा ध्यान रखिए कि निवेश की प्रकृति वर्तमान स्थिति के अनुरूप विपरीत न हो। 

-  जहां तक निवेश की बात है अपना लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट होना चाहिए। 

-  ज्यादातर आपको गौर करने की जरूरत है कि यह आपकी पूंजी को सुरक्षित रखता है और बेहतर रिटर्न देने में सक्षम हो। 

-  आपको ऐसे क्षेत्र चुनने होंगे जो कि उस समय में भी बेहतर करें जबकि बाजर की स्थिति सही न हो। 

-  निवेश प्रक्रिया का दूसरा चरण होता है उस लक्ष्य तक पहुंचना जिसको आपने निर्धारित किया है।  

-  किसी भी दौर में इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि आप लक्ष्य तक पहुंच भी पाएंगे या नहीं। लेकिन आप कोशिश करें कि दौर कैसा भी हो, लेकिन मुनाफा होना जरूरी है। 

-  निवेशक को, निवेश पर लगातार नजर रखनी जरूरी है। साथ ही निवेश का सत्यापन भी काफी आवश्यक है। यह इसलिए जरूरी है ताकि पूरी प्रक्रिया में निवेशक का लाभ कम न होने पाए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:समयानुसार रणनीति