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केन्द्रीय जन सूचना आयोग ने पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जन सूचना अधिकारी को दिया निर्देश

विभागीय परीक्षा की चयन प्रक्रिया व कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) को जनसूचना आयोग ने गोपनीय मानने से इंकार कर दिया है। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के सहायक वाणिज्य प्रबंधक राजीव सेठ द्वारा की गई शिकायत के बाद केन्द्रीय जन सूचना आयोग ने यह फैसला सुनाया है।

इस निर्णय के बाद रेल महकमे में हलचल मच गई है। क्योंकि इसकी प्रति मिलने से कई रेल अफसरों की गर्दन फंस सकती है। लहरतारा डीआरएम कार्यालय में सहायक वाणिज्य प्रबंधक पद पर तैनात श्री सेठ ने 14 नवम्बर 2007 को सूचना अधिकार अधिनियम के तहत पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा सेलेक्शन प्रोसीडिंग के साथ-साथ कई बिन्दुओं पर जानकारी मांगी थी।

जिस पर पूर्वोत्तर रेलवे के जन सूचना अधिकारी ने यह कहते हुए जानकारी देने से इंकार कर दिया कि संबंधित जानकारी गोपनीय है। पूरी जानकारी न मिलने पर श्री सेठ ने केन्द्रीय सूचना आयोग में  अपील की थी। केन्द्रीय सूचना आयोग के असिस्टेंट रजिस्ट्रार के निर्देश पत्र जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 18/19 के तहत पूर्वोत्तर रेलवे के जन सूचना अधिकारी व अपीलीय प्राधिकारी को 3 जून को सूचना आयुक्त अन्नपूर्णा दीक्षित के समक्ष तलब किया गया था।

सुनवाई के बाद सूचना आयुक्त ने पूर्वोत्तर रेलवे के जन सूचना अधिकारी को वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट व चयन प्रक्रिया की कापी 25 जून तक आवेदक को देने का निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद रेलवे में गोपनीय मानी जाने वाली सुपरवाइजर स्तर के कर्मचारियों की वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट भी सार्वजनिक हो सकेगी। इस आदेश के बाद कार्मिक विभाग के अधिकारी परेशान हो गए हैं। उन्हे इस बात का भय सताने लगा है कि सूचना देने के बाद विभागीय परीक्षा में हुई गोलमाल का रहस्य सामने आ सकता है।

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  • Web Title:गोपनीय नहीं रही वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट