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रिंकू की माँ और प्रेमिका जान की भीख माँगती रही

दलित युवक रिंकू को पोल में बांधकर उस की हत्या करने वाले तालिबानों से कम वहशी नहीं थे। रिंकू की बूढ़ी माँ और प्रेमिका सुनीता साहनी की चीख पुकार दरिन्दों को तब तक नहीं सुनाई दी थी जब तक रिकूं ने दम नही तोड़ दिया।

मंगलवार/बुधवार की मध्यरात्रि के बाद कपिलवस्तु  कोतवाली क्षेत्र  चैनपुर गाँव के पास बाम में गाँव की ही लड़की सुनीता साहनी और पडोस के गाँव के 31 वर्षीय दलित युवक भीमसेन उर्फ रिंकू जो कि बीए प्रथम वर्ष का छात्र है । उसे उसकी प्रेमिका सुनीता के घर वालों ने पकड़ लिया था।

प्रेमिका के घर वाले दोनों को पड़कर गाँव ले आए और रिंकू को बिजली के पोल से बाँधकर लाठी, डण्डे से पीटने लगे। घटना को समूचा गाँव खामोशी से  देखता रहा। और सुनता रहा लेकिन किसी की भी मानवीय संवेदना नहीं जगी कि वह प्रतिरोध कर उसे बचा ले। ऐसे में सुनीता अपने परिवारीजनों से रिंकू को छोड़ने की विनती करने लगी। पर उसके परिवारीजनों से उसे भी जमकर पीटा।

पिटाई से उसे काफी चोटें आई और उसका हाथ भी टूट गया। इसी बीच रिंकू की माँ भी खबर पाकर मौके पर पहुँचे आई उसने अपने बेटे को माफ करने की लड़की के परिवारीजनों से हाथ जोड़कर विनती करने लगी। लेकिन न तो दरिंदों को माँ की चीख पुकार सुनाई दे रही थी और न ही तमाशा देखने के लिए जुटी सैंकड़ों की भीड़ के कान पर ही जूँ रेंग रही थी। सुबह के चार बजे के आसपास रिंकू ने दम तोड़ दिया।

हैरत की बात रही कि रात एक बजे से सुबह चार बजे तक रिंकू को लोग पोल में बांधकर पीटते रहे और तीन किमी की दूरी पर स्थित कोतवाली पुलिस को खबर तक नहीं हुई जबकि रिंकू की माँ तक मौके पर पहुँच गई।

रिंकू की हत्या से दलितों में रोष है। हालाँकि पुलिस प्रशासन ने तनाव को भांपते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करते हुए डेढ़ सेक्शन पीएसी भी लगा दी है।

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  • Web Title:दरिंदगी की इंतहा कर दी रिंकू के हत्यारों ने