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अंतरिक्ष सुरक्षा पर गंभीरता की जरूरतः कस्तूरीरंगन

अंतरिक्ष सुरक्षा पर गंभीरता की जरूरतः कस्तूरीरंगन

इसरो के पूर्व प्रमुख के कस्तूरीरंगन ने कहा कि भारत को अंतरिक्ष सुरक्षा के मुद्दे को निपटाने की जरूरत है, क्योंकि वहां तैनात अंतरिक्ष प्रणाली असैनिक उपग्रहों को निशाना बना सकती है।

चेन्नई के निकट वाल्लनचेरी में एक स्कूल के उदघाटन समारोह में कस्तूरीरंगन ने संवाददाताओं से कहा कि हमें अंतरिक्ष सुरक्षा के मुद्दे को शीघ्र सुलझाने की आवश्यकता है क्योंकि भारत ने पहले ही अंतरिक्ष में कई उपग्रह भेज रखे हैं और हम कई अन्य का विकास कर रहे हैं। ऐसी हथियार प्रणाली है जो असैनिक उपग्रहों को निशाना बना सकती है। इसलिए हमें अपने उपग्रहों की किसी तरह के खतरे से रक्षा के लिए तंत्र विकसित करना है।

उन्होंने कहा कि भारत ने सफलतापूर्वक चंद्रयान-1 का प्रक्षेपण किया और अंतरिक्ष में और उपग्रह भेजे हैं। क्षेत्र में सुरक्षा मानक विकसित करने के लिए प्रयास जारी हैं। यह पूछे जाने पर कि आने वाले वर्षों में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत को किस चीज पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए तो कस्तूरीरंगन ने कहा कि दूरस्थ संवेदी (रिमोट सेंसिंग) के क्षेत्र में सुधार करने की आवश्यकता है ताकि इसका व्यापक उपयोग किया जा सके। इसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के उपयोग के जरिए किया जा सकता है। भारत को ग्रहों के अन्वेषण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग से शामिल होना चाहिए।

लागत में कटौती संबंधी उपायों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों को बेहतर प्रणोदक प्रणाली और इस उद्देश्य के लिए फिर से इस्तेमाल किए जा सकने वाले व्हीकलों की संभावनाएं तलाशनी चाहिए। राज्यसभा सांसद कस्तूरीरंगन ने कहा कि भारत में अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए धन की कोई कमी नहीं है और केंद्र अनुदान देने के मामले में उदार है।

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