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घाटा बढ़ाए बिना उच्च विकास दर की जरूरतः प्रणव

घाटा बढ़ाए बिना उच्च विकास दर की जरूरतः प्रणव

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बढ़ते वित्तीय घाटे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि ऐसे उपाय करने की जरूरत है, जिनसे इसमें वृद्धि के बिना अर्थव्यवस्था फिर से उच्च विकास की रफ्तार हासिल कर सकें।

मुखर्जी ने कहा कि सरकार का ध्यान बुनियादी सुविधा क्षेत्र, कृषि और रोजगार सृजन करने वाले क्षेत्रों पर रहेगा, जिससे विकास दर और रोजगार को बनाए रखा जा सके।

वित्त मंत्री ने राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बजट पूर्व बैठक में कहा कि वैश्विक आर्थिक मंदी के प्रभाव से देश की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए केन्द्र सरकार ने जो प्रोत्साहन पैकेज दिए उनसे 2008-09 में वित्तीय घाटा बढ़कर 6.2 प्रतिशत पर पहुंच गया।

उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य दोनों सरकारों के लिए दीर्घकालिक और मध्यकालिक लिहाज से लगातार अधिक वित्तीय घाटा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रोत्साहन पैकेजों का फायदा यह हुआ कि तमाम विषम परिस्थितियों के बावजूद 2008-09 में 6.7 प्रतिशत की आर्थिक विकास दर हासिल करने में मदद मिली।

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  • Web Title:घाटा बढ़ाए बिना उच्च विकास दर की जरूरतः प्रणव