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ऑस्ट्रेलिया में रैलियां खत्म करने की अपील

ऑस्ट्रेलिया में रैलियां खत्म करने की अपील

भारतीय समुदाय के नेताओं ने ऑस्ट्रेलिया में नस्ली हमलों के विरोध में सड़कों पर निकाली जा रही छात्र रैलियों को यह कहते हुए समाप्त करने को कहा है कि उनके विरोध प्रदर्शन का मकसद पहले ही पूरा हो चुका है।

भारतीय छात्रों ने बुधवार रात सिडनी के हैरिस पार्क में सड़कों पर रैलियां निकाली। छात्रों का दावा है कि भारतीय छात्रों पर हो रहे हमले नस्ली भावनाओं से प्रेरित हैं और यह उनकी लगातार तीसरी रैली थी।

भारतीय छात्रों के मुद्दों के लिए भारतीय महावाणिज्य दूतावास की सामुदायिक समिति के समन्वयक यदु सिंह ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों को बंद करने के आह्लान के साथ पेनांट हिल्स में आहूत एक जरूरी बैठक समाप्त कर दी गयी है। सिंह ने कहा कि बैठक में सभी लोग इस बात पर सहमत थे कि रैलियां निकालने की जरूरत नहीं है । बैठक में समुदाय के नेता और कई छात्र उपस्थित थे।

यदु सिंह ने कहा कि एक बात साफ है कि रैलियों के माध्यम से विरोध दर्ज हो चुका है और हैरिस पार्क में हम और अधिक रैलियां नहीं निकालना चाहते हैं। समुदाय का यही विचार है। रैलियों से उपनगरीय इलाकों में लोगों का सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मीडिया की खबरों के अनुसार छात्रों पर नस्ली भावना से प्रेरित हमले के भारतीय दावे के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने लगातार कहा है कि भारतीय नस्ली धारणा आधारित अपराध के निशाने पर नहीं हैं।

प्रधानमंत्री केविन रूड ने कहा कि भारतीय छात्र कानून अपने हाथ में न लें। शहरी जीवन में सभी ऑस्ट्रेलियाई शहरों में हिंसा शर्मनाक बात है और कानून हाथ में लेने की कार्रवाई भी स्वागत योग्य नहीं है। अधीक्षक रॉबर्ट रेडफर्न ने छात्रों की चिंता के प्रति सहानुभूति जताई थी, लेकिन उनसे कानून हाथ में न लेने की अपील की थी।

रेडफर्न ने कहा, कानून हाथ में लेने वालों का मैं प्रशंसक नहीं हूं। यह हमारा काम है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जो अपराध के शिकार होते हैं उनमें अकेले भारतीय ही नहीं होते हैं, अपराधों में शामिल लोग विशेष तौर पश्चिम एशिया के नहीं है।

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