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छुटकारे की कोशिश तो कीजिए

कहा जाता है इरादे नेक हों तो सब सपने साकार होते हैं। यहां हम सपनों की बात न कहकर कुछ छोड़ने की बात कहें, कुछ ऐसा जिससे आपको नुकसान होता हो। आप छोड़ना चाहते हों, लेकिन ऐसा कर न पा रहे हों। मसलन तम्बाकू, शराब सिगरेट या फिर ड्रग्स। अगर आपको कुछ नुस्खे बताए जाएं जिससे आप सिगरेट, तम्बाकू या शराब छोड़ पाएंगे तो कैसा रहेगा। मनोचिकित्सकों और मनोवज्ञानिकों का मानना है कि अगर इन नुस्खों को अमल में लाएं तो निश्चित रूप से फायदा होगा और बहुत अधिक संभावना है कि नशे की लत से छुटकारा पा सकें। आइए जानते हैं इन नुस्खों को-
कब लगती है तलब

विशेषज्ञों के मुताबिक सबसे पहले यह देखें कि आप किस वक्त सिगरेट ज्यादा पीते हैं या यूं कहें कि वह कौन सा वक्त है जब सिगरेट की तलब ज्यादा सताने लगती है। उदाहरण के लिए क्या आपको तब तलब लगती है जब आप तनावग्रस्त होते हैं या तब जरूरत महसूस होती है जब रात में दोस्तों के साथ बाहर जाते हैं। कॉफी पीते वक्त तो आपको सिगरेट की जरूरत महसूस नहीं होती? कभी बोर हो रहे हों तो हो सकता है तब भी आपको सिगरेट की जरूरत महसूस होती हो या ऐसा भी संभव है कि जब ड्राइविंग कर रहे हों तो जरूरत महसूस हो।

खुद पर यकीन करें

दृढ़ इच्छाशक्ति और यकीन कि आप सिगरेट, शराब छोड़ सकते हैं, सबसे जरूरी है। एक बार असफल होने पर घबराए नहीं। ज्यादातर लोग नशे की लत छोड़ने से पहले कई बार कोशिश में नाकाम होते हैं।

स्वीकार करें, आप नशे के गुलाम हैं

ज्यादातर सिगरेट पीने वाले खुद को स्मोकर बाई च्वाइस मानते हैं। यह स्वीकार करना कि आपको तंबाकू की लत लग चुकी है, सिगरेट छोड़ने की राह पर आपका पहला कदम होगा। जब तक यह नहीं मानेंगे, स्मोकिंग छोड़ने की जरूरत ही महसूस नहीं होगी।

ऐसे करें शुरुआत

जिस दिन आप सिगरेट छोड़ने का फैसला करें, घर की सभी ऐश-ट्रे कहीं छिपा दें और सारी सिगरेट नष्ट कर दें। अगले कुछ दिनों तक खूब पानी पीएं और तरल पदार्थ ज्यादा लें ताकि आपके शरीर से निकोटिन और दूसरे जहरीले पदार्थ बाहर निकल जाएं।

कोई खास दिन तय करें

नशा छोड़ने के लिए कोई खास तारीख तय करें। यह बर्थडे या जिंदगी का कोई और अहम दिन हो सकता है।

काउंसलर, परिवार व दोस्तों की मदद लें

किसी भी लत से छुटकारा पाने के लिए काउंसलर, परिजन व दोस्तों की मदद लें क्योंकि उनके प्रोत्साहन से आपका हौसला बढ़ेगा। मनोबल बढ़ाने वाली किताबें पढ़ें, स्वास्थ्य केंद्र जाएं, काउंसलरों से मिलें। आप नकली, मेडिकेटेड सिगरेट आदि का भी उपयोग कर सकते हैं। धूम्रपान निषेध कार्यक्रमों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। ये कार्यक्रम किसी संस्था, अस्पताल या व्यक्तिगत तौर पर हो सकते हैं।

स्मोकर्स से दूरी

शुरुआती दिनों में किसी भी प्रकार के नशे का सेवन करने वालों से दूर रहें। साथ ही तलब होने पर खुद पर बस पांच मिनट के लिए संयम रखें। इसके बाद इच्छा खुद-ब-खुद कम हो जाती है।

अपने दोस्तों, परिजनों और सहकर्मियों से कह दें कि किस तरह आपने सिगरेट से छुटकारा पाने के लिए उपाय किए हैं। हो सकता है उनको बताना आपके लिए फायदेमंद या मोटीवेट करने वाला हो।

फायदे-नुकसान का भी रखें ख्याल

नशे के नुकसानों को याद रखें। चार्ट भी बनाकर रख सकते हैं। साथ ही नशे छोड़ने से होने वाले फायदों की लिस्ट साथ रखें।


चाय, कॉफी, शराब से दूर रहें

ये सभी चीजें नशे की तलब को बढ़ाती हैं इसलिए इनसे जितना दूर रहेंगे, नशे की तलब उतनी ही आपसे दूर रहेगी।

योग है जरूरी

प्राचीन योग कला भी नशा छुड़ाने में आपकी मददगार हो सकती है। जब भी आपको सिगरेट पीने की तलब हो, आंखें बंद कर गहरी सांस लें। याद रखें कि नशे की तलब पांच मिनट की मेहमान होती है। प्राणायाम आदि की मदद भी ले सकते हैं। 

और क्या करें

जिम जाएं, व्यायाम, योग करें। चर्बीयुक्त खाना न खाएं, क्योंकि निकोटिन के बिना कुछ दिन पाचन क्रिया धीमी पड़ सकती है। इसलिए डाइट पर काबू रखें।

तलब के हमले से मुकाबला

सिगरेट छोड़ने की राह में लोभ ही सबसे बड़ी अड़चन है। स्मोकिंग छोड़ने के कुछ सप्ताह बाद आपको सिगरेट की तलब बहुत कम हो जाएगी। लेकिन यह जनना जरूरी है कि कभी-कभी अचानक आपको सिर्फ एक सिगरेट की जरूरत महसूस होगी। तनाव के क्षणों में, अतिरेक खुशी-दुःख में, किसी पार्टी में या छुट्टियों के दौरान। अगर आप तलब के इस हमले से मुकाबला करने को तैयार नहीं रहे तो आपकी अब तक की सारी मेहनत पानी में ज सकती है।

व्यस्त व खुश रहें

खुद को अलग-थलग रखने के बजाय बिजी रखें। स्मोकिंग की ओर से ध्यान हटाएं और खुश रहें।

टीवी भी है नशा

किसी भी पेरेंट से युवाओं के टीवी से चिपके रहने संबंधी बात करें तो वो तपाक से यही कहेंगे कि पूरा दिन टीवी देखता रहता है। टीवी में ऐसा खो जाता है कि दुनिया से कोई मतलब नहीं रहता। टीवी बंद करने को कहो तो यही जवाब मिलता है कि बस अभी बंद कर रहा हूं, लेकिन यह अभी घंटों बाद भी नहीं आता। हालत यह होती है कि हर काम वह टीवी देखते-देखते करते हैं, चाहे वह खाना-पीना हो या कुछ और। मनोवज्ञानिकों का कहना है कि अधिक टीवी देखने से युवाओं की नींद प्रभावित होती है। वे माइंडलेस ईटिंग करते हैं। आइए जाने इस तरह की समस्याओं से छुटकारा पाने के आसान तरीके।

सबसे पहले आप खुद टीवी देखने का समय तय करें कि आपको कितनी देर टीवी देखना है। एक के बाद एक कार्यक्रम देखने की आदत को ब्रेक दें।

टीवी देखने वाले अधिकांश लोगों का कहना है कि हम घर पर ही रहते हैं। ज्यादा कहीं आते जाते नहीं। टाइम पास करने के लिए टी.वी. देखते हैं। जरूरी है कि आप टीवी देखने के साथ मनोरंजन के लिए अच्छी किताबें पढ़ें, गेम्स खेलें, वॉक करें, नियमित हल्का व्यायाम करें। साथ ही ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ घुले-मिलें।

जबर्दस्ती करने से कोई भी लत नहीं छूटती  बल्कि रोक-टोक से व्यक्ति जिद्द में ज्यादा टीवी देखता है। जरूरी है कि ज्यादा टीवी देखने से होने वाले नुकसान के बारे में बताएं। उसे ज्यादा से ज्यादा व्यस्त रखने की कोशिश करें।

फुरसत के क्षणों में ऐसे लोगों का मिजाज भांपने की कोशिश करें। कई बार युवा अपने तनाव को कम करने के लिए भी अधिक टीवी देखते हैं। यदि आपके लाख समझाने के बाद भी उनमें टीवी देखने की आदत कम न हो तो किसी काउंसलर की मदद जरूर लें।

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