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म्यूचुअल फंड बेचें

क्या आप ऐसे निवेशक हैं जो बाजार के गिरने की स्थिति में म्यूचुअल फंड बेचते हैं और बाजार उठने की स्थिति में म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं? वर्तमान में कई निवेशक सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के द्वारा बाजार में निवेश कर रहे हैं। चूंकि बाजार में म्यूचुअल फंड निवेश का प्रचलित माध्यम बन गया है, तो ये समझना जरूरी है कि फंड में कब और कितने समय के लिए निवेश करें।

म्यूचुअल फंड में निवेश समय सीमा निर्धारित करके करना ही बेहतर रहता है। सामान्यतः लंबी अवधि के फंड जैसे इक्विटी फंड में निवेश की सीमा तीन से पांच वर्ष से कम न रखें।

किसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही निवेश करना चाहिए। मसलन बच्चों की शिक्षा, विवाह या फिर रिटायरमेंट प्लानिंग।

अपने फंड का प्रत्येक वर्ष के अंत में आकलन करते रहें। अगर आपका फंड लगातार बेहतर प्रदर्शन नहीं कर रहा, तो इससे बाहर निकलना ही बेहतर रहेगा।

म्यूचुअल फंड में निवेश किसी उद्देश्य को पूरा करने को लेकर ही किया जाना चाहिए। अगर उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा, तो इससे बाहर निकलने में ही भलाई है।

अगर आपका पोर्टफोलियो म्यूचुअल फंड के कारण गड़बड़ा रहा है, तो उसे छोड़ना ही बेहतर रहेगा। अपने पोर्टफोलियो को बैलेंस करने की कोशिश करें।

अकसर जिन फंड्स का आकार बड़ा होता है, वह आपको रिकॉर्ड तोड़ रिटर्न देने में सक्षम नहीं होते। ऐसे में अगर आपको लगता है कि फंड का आकार बड़ा होने के कारण रिटर्न में दिक्कतें आ रही हैं, तो छोड़ दीजिए।

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