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व्यापारी एवं वादकारी मायूस होकर लौटे, डाक का भी नहीं हो सका निस्तारण


वाणिज्य कर कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते बुधवार को विभागीय कामकाज ठप रहा। दफ्तरों में सन्नाटा छाया रहा। व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल के चलते डाक का निस्तारण भी नहीं हो सका। अफसर आए लेकिन बैठे रहे। राजस्व की लेनदारी भी नहीं हुई। आज किसी वाद का भी निस्तारण नहीं हुआ। इनमें तारीखें पड़ गईं।

उल्लेखनीय है कि यू.पी. कामर्शियल टैक्स मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के कर्मचारियों ने सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में 48 घंटे का कार्य बहिष्कार कर दिया है। विभाग के कर्मचारी 30 मई से ही आंदोलनरत हैं। चेतगंज स्थित कार्यालय परिसर में कर्मचारियों की सभा में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के सभी विभागों में कम्प्यूटर संवर्ग के कर्मचारियों का न्यूनतम वेतनमान 4000-6000 है।

वैट कर प्रणाली लागू हो जाने से विभाग का पूर्ण कम्प्यूटराइजेशन कर दिया गया है। जिससे विभाग में कार्यरत लिपिक संवर्ग कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से कम्प्यूटर पर कार्य करना पड़ रहा। लेकिन उनका न्यूनतम वेतनमान 3500-4590 है।

इस विसंगति के कारण कर्मचारियों के साथ दोहरा मापदंड अपनाया ज रहा। पदोन्नति के लिए काफी पद रिक्त पड़े हैं। इसके अलावा पदनाम परिवर्तित किये जने की मांग भी है। आंदोलन के क्रम में 15 जून को प्रदेश भर के मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा।

सभा को जोनल अध्यक्ष अजीत प्रताप नारायण सिंह, जिलाध्यक्ष सत्यनारायण प्रसाद, जिलामंत्री राकेश मोहन पांडेय, जोनल मंत्री सुधांशु मोहन गौड़, परशुराम यादव, अशोक कुमार शर्मा, गोविंद प्रसाद मिश्र, बद्री विशाल सिंह, श्रवण कुमार, रमाशंकर झा, विनोद गुप्ता आदि ने संबोधित किया।

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  • Web Title:वाणिज्य कर कर्मियों ने ठप रखा कामकाज