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मेडिकल केयर की जगह हेल्थ केयर पर है ध्यान

सरकारी हास्पीटल में पैथोलॉजी की सुविधा मुफ्त मिलेगी। इसके तहत रेडियोलॉजी से लेकर अन्य तमाम जांच की सुविधाओं के लिए रोगियों को कोई शुल्क नहीं देना होगा। अब तक यह सुविधा बीपीएल में शामिल लोगों के लिए ही थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है। पहले यह सुविधा जिला, मंडल, रेफरल और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर शुरू होगी लेकिन मेडिकल कालेजों में भी इसकी व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार के बेहतर कार्यों का ही परिणाम है कि स्वास्थ्य केन्द्रों पर हर माह औसतन 3000-3500 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं जबकि पांच वर्ष पहले यह आंकड़ा मात्र 39 था। उन्होंने दावा किया कि हेल्थ सेक्टर में भी बिहार देश के समक्ष मॉडल होगा और यह अपनी पहचान खुद बनाएगा। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य केन्द्रों में ममता कार्यकर्ताओं की भर्ती करने और इसमें रविदास समाज की महिलाओं को प्राथमिकता देने का भी एलान किया।

यह आशा कार्यकर्ता की तर्ज पर ही होगा लेकिन इसकी भूमिका स्वास्थ्य केन्द्रों में संस्थागत प्रसव में होगी। इन्हें सरकार द्वारा मानदेय का भी भुगतान होगा। उन्होंने बताया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों कों 30-30 बेड का किया जाएगा और अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्रों का उन्नयन होगा। उन्होंने कहा कि बिहार में डाक्टरों की भारी कमी  है और नए स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए इस समस्या से रूबरू होना पड़ रहा है। इसी वजह से स्वास्थ्य केन्द्रों की मांग पूरी करने में भी कठिनाई हो रही है। हालांकि इन समस्याओं से सरकार निपट लेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता मेडिकल केयर की जगह हेल्थ केयर पर है। हेल्थ केयर में लोगों को स्वस्थ रखने और उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए योजना बनाने और उसके कार्यान्वयन पर ध्यान देना है। इससे स्वास्थ्य केन्द्रों में मरीजों की संख्या में भी कमी आएगी और सबके लिए बेहतर मेडिकल केयर भी मौजूद रहेगा।

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  • Web Title:हेल्थ सेक्टर में भी बिहार बनेगा मॉडल