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तो शुरू करें डे केयर सेंटर

तो शुरू करें डे केयर सेंटर

यदि आप एक ऐसी महिला हैं, जिसे बच्चों का साथ बहुत भाता है और बच्चों के साथ आप इतनी घुलमिल जाती हैं कि बच्चे भी आपके सान्निध्य में बेहद खुश रहते हैं तो ‘बेबी डे केयर सेंटर’ का बेमिसाल व्यवसाय आप बखूबी शुरू कर सकती हैं। घर में रहकर ही बच्चों के साथ रहकर समय बिताने के शौक को व्यवसाय के रूप में अपनाकर न केवल अपने खाली समय का आप बेहतर ढंग से सदुपयोग कर सकती हैं, बल्कि अपनी प्रतिभा का बेहतर और व्यावसायिक इस्तेमाल भी कर सकती हैं, आय अर्जित करने के लिए।

बढ़ती मांग - वर्तमान समय में जब संयुक्त परिवारों की अवधारणा काफी हद तक टूट कर एकल परिवारों की अवधारणा स्थापित हो चुकी है और उस पर भी अधिकांश परिवारों में पति-पत्नी दोनों ही कामकाजी हैं, बच्चों की देखभाल उनके लिए एक कठिन जिम्मेदारी बनती जा रही है। ऐसे में ‘डे केयर सेंटर’ ऐसे दम्पतियों के लिए एक सुखद समाधान की तरह है, जिसकी मांग दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। घर बैठी महिलाओं के लिए यह रोजगार का एक सुनहरा और सफल व्यवसाय बन चुका है और अन्य व्यवसायों से जुड़े लोग भी इसमें अवसर देखकर इसे आज जोर-शोर से अपना रहे हैं।

ट्रेनिंग - ‘डे केयर सेंटर’ खोलने के लिए यूं तो किसी प्रकार की औपचारिक ट्रेनिंग की जरूरत नहीं है, लेकिन इस व्यवसाय को भी सुचारू रूप से चलाने और सफल बनाने के लिए महिला का पढ़ा-लिखा होना बेहद जरूरी है, ताकि वह केयर सेंटर में आने वाले बच्चों के स्कूल होमवर्क में सहायता के काम को भी भली-भांति कर सकें। साथ ही वक्त की मांग के चलते माता-पिता चाहते हैं कि औपचारिक स्कूल में एडमिशन के लिए भी उनके बच्चों को थोड़ी तैयारी या ट्रेनिंग दी जाए, उनकी इस मांग को भी आप तभी भली-भांति पूरा कर सकती हैं यदि आप स्वयं पढ़ी-लिखी हों।

कैसे करें शुरुआत - ‘डे केयर सेंटर’ का व्यवसाय शुरू करने की पहल आप अपने घर के ही एक कमरे से कर सकती हैं। शुरुआत में थोड़े बच्चों के साथ आप आसानी से यहां अपना केयर सेंटर चला सकती हैं और कुछ समय बाद बच्चों की तादाद बढ़ने और आमदनी बढ़ने पर आप इसके लिए अलग से एक फ्लैट भी खरीद सकती हैं, ताकि बच्चों को खुला वातावरण और ज्यादा खुली जगह मिल सके। ‘डे केयर सेंटर’ में बच्चों की जरूरतों की सभी चीजें होना बेहद जरूरी है। इसके लिए बच्चों के लिए सुविधाजनक फर्नीचर, उनके मनोरंजन के लिए खिलौने, झूले और बच्चों की उम्र के मुताबिक किताबें भी होना बेहद जरूरी है। ‘डे केयर सेंटर’ भले ही छोटा हो या बड़ा उसकी साज-सज्जा रंग-बिरंगी और बच्चों के मन को लुभा सके, ऐसी होनी चाहिए। रंग-बिरंगे आकर्षक माहौल में बच्चे अपना समय प्रसन्नता से गुजार लेते हैं। दीवारों और फर्नीचर आदि पर यदि बच्चों को लुभाते चित्र बने हों तो परीलोक-सा यह माहौल बच्चों को सहज ही आपके ‘डे केयर सेंटर’ की ओर आकर्षित कर देगा। बच्चों के खाने-पीने और सोने की सुविधा का भी समुचित ध्यान रखना, बेहद नम्र और धैर्य वाला होना चाहिए तभी आप बच्चों को आसानी से संभाल सकती हैं। ‘केयर सेंटर’ में ‘फर्स्ट एड’ की सुविधा का होना भी बेहद जरूरी है, ताकि खेलते-कूदते चोट लग जाने पर या अन्य किसी स्थिति में भी बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया जा सके। साथ ही बच्चों की देखभाल और साफ-सफाई के लिए एक आया रखना भी जरूरी है।

निवेश - ‘डे केयर सेंटर’ खोलने के लिए 20 से 25 हजार रुपए की आवश्यकता होती है। इसके लिए आप बैंक से लोन भी ले सकती हैं और धीरे-धीरे अपने ‘क्रेश’ का दायरा बढ़ा सकती हैं।
आमदनी - ‘डे केयर सेंटर’ के व्यवसाय में आप कम से कम 10 से 15 हजर रुपए प्रति माह कमा सकती हैं और व्यवसाय के बढ़ने पर तो आमदनी की कोई सीमा ही नहीं है।

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