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सामाजिक बंधनों से परेशान हैं पाक महिलाएं

सामाजिक बंधनों से परेशान हैं पाक महिलाएं

पाकिस्तान में विस्थापित महिलाओं को चिकित्सा सुविधाओं की सख्त दरकार है लेकिन प्रथाओं और रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें किसी अजनबी से बात करने पर भी मनाही है। ऐसे में उनकी तकलीफे बहुत बढ़ गई हैं।

हाल ही में मरदान में स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय से महिला चिकित्सकों और नर्सो का एक दल पहुंचा था। इस दल का नेतृत्व करने वाली सहायक प्रोफेसर आसिमा करीम ने बताया, ‘‘विस्थापितों के लिए बनाए गए शेख शाहजद और शेख यासीन शिविरों में हजारों महिलाएं गर्भवती हैं और अगले कुछ महीनों में ही उनका प्रसव होना है।’’

पाकिस्तानी समाचार चैनल ‘डॉन न्यूज’ के साथ बातचीत में आसिमा ने कहा, ‘‘ज्यादातर गर्भवती महिलाएं सैकड़ों मील पैदल चलकर और उचित भोजन और विश्राम के बिना यहां तक पहुंची हैं। उनकी हालत संतोषजनक नहीं है लेकिन वे सिर्फ महिला चिकित्सकों और नर्सो को ही अपनी समस्याएं बताना चाहती हैं।’’

आसिमा का कहना है कि ज्यादतर जगहों पर हैजा और डायरिया जैसी जनलेवा बीमारियों के फैलने का खतरा है। इन जगहों पर तापमान भी 45 डिग्री सेल्सियस तक है। वह कहती हैं, ‘‘बड़ी संख्या में ऐसे मरीज आते हैं जो यह कहते हैं कि हमारा मुफ्त उपचार भले मत कीजिए लेकिन मिनरल वाटर की एक अतिरिक्त बोतल दे दीजिए।’’

उन्होंने कहा कि इन शिविरों में महिलाओं के लिए असुरक्षा नहीं है। आसिमा ने कहा, ‘‘बड़ी संख्या में लोग स्वस्थ होने के बाद हमारा आभार व्यक्त करने आते हैं।’’

 

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