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गर्मी से गैस सिलेण्डर फटे

गर्मी की तपिश के कारण रानी गार्डन के लोग अपने अपने घरों में कैद थे। अचानक एक के बाद एक हुए दो सिलेंडर ब्लास्ट ने उनकी धड़कनें तेज कर दी। मन में तरह तरह की शंकाए लिए वे बाहर की तरफ दौड़े तो थर्रा उठे। उनके पड़ोसियों के मकान को आग ने अपनी आगोश में लिया हुआ था। बुजुर्ग से लेकर बच्चे अपनी जान बचाने के लिए चीख पुकार मचा रहे थे। पड़ोसी चाह कर भी उन्हें बाहर नहीं निकाल पाए। दमकल व पीसीआर काफी देर से मौके पर पहुंची।


इस भयावह मंजर को देकर गली में मौजूद प्रत्यक्षदर्शी गुरविंदर कौर,इंदू तथा सोनू के मुंह से सिर्फ एक ही बात सुनने को मिली बैठे बिठाए क्या आफत आ गई। सभी कहते है कि ब्लास्ट की आवाज सुन कर एक बारगी ऐसा लगा मानो बम ब्लास्ट हो गया। किरायेदार इंदू कहती है वह रसोई में चाय बना रही थी बेटा सो रहा था। अचानक लोहे का भारी भरकम गेट उनके गेट पर आ कर गिरा। वह घबरा कर बाहर की तरफ भागी और आग की लपटे देख कर अंदर हो गई।

उसने सोते बेटे को गोद में उठाया और जान बचाने के लिए पड़ोसी की छत पर जा पहुंची। करीब एक किलोमीटर के दयारे में ब्लास्ट की आवाज सुनाई दी जिसकी वजह से लोगों में दहशत बनी हुई थी।


प्रॉपर्टी डीलर प्रदीप आहूज व रामचंद्र गुप्ता के मकान की हालत को देख कर सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिलेंडर ब्लास्ट कितने जबर्दस्त हुए। उनका कहना था कि दमकल व पीसीआर को लगातार फोन किया जाता रहा, लेकिन अधिकारी समय पर नहीं पहुंचे। उनके पहुंचने तक आहूजा के परिवार के लोग काफी रुप से जल गए थे। प्रदीप की वृद्ध मां व्हिलचेयर से उठ नहीं सकी। आस पास की गलियों में खड़े लोग घायलों की सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे।

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