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होम एग्जाम का फॉरमेट बदला

दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में प्राइवेट स्कूलों के प्रदर्शन से नाराज सीबीएसई ने बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। घरेलू परीक्षा का फॉरमेट और मूल्यांकन का पैटर्न इसी सत्र से बदला जाएगा। बोर्ड के अनुसार घरेलू परीक्षाओं में शत प्रतिशत रिजल्ट देने वाले प्राइवेट स्कूल 10वीं और 12वीं की परीक्षा में फेल हो गए। उसी के चलते परिणाम में गिरावट आई है। इस बार बारहवीं का परिणाम 75 फीसदी से भी कम रहा।


बोर्ड ने स्कूल प्रिंसिपल को संदेश भेजा है कि जुलाई में होने जा रही पहली टर्म परीक्षा से ही प्रश्न पत्र का फॉरमेट और मूल्यांकन का पैटर्न बदला जाए। सवाल किस तरह बनाएं जाएं और मूल्यांकन में किन बातों का ध्यान रखा जाए, इसके लिए गाइडलाइन भेज दी गई हैं। बोर्ड का कहना है कि पुरानी इंटर्नल मूल्यांकन प्रणाली से स्टूडेंट्स का नुकसान हो रहा है। वे बोर्ड परीक्षा के लिए अपने आप को तैयार नहीं कर पा रहे हैं। इसके लिए बोर्ड के चेयरमैन ने प्रिंसिपल को भेजे गए संदेश में कहा है कि टर्म परीक्षा और प्री बोर्ड के लिए पेपर का पैटर्न बोर्ड से लें।
बोर्ड प्राइवेट स्कूलों के पिछले सत्रों के परिणाम से नाराज है।

प्री बोर्ड परीक्षा में सीबीएसई के जिन स्कूलों का रिजल्ट सौ फीसदी रहा वो मुख्य परीक्षा में 85 से भी कम पर अटक गए, जिन स्टूडेंट्स को प्री बोर्ड में 90 से 95 फीसदी अंक मिले उन्हें मुख्य परीक्षा में 80 फीसदी अंक मिले। अंग्रेजी में कमजोरी ने और भी परेशान किया है। वहीं सीबीएसई की स्टेप मार्किग देश के लगभग सभी परिषदों ने अपना ली है। लेकिन अब स्कूलों में भी स्टेप मार्किग पैटर्न लागू होगा। महाराजा अग्रसेन स्कूल की प्रिंसिपल कल्पना महेश्वरी ने बताया कि नई प्रणाली से स्टूडेंट्स को लाभ मिलेगा।

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