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मानसून की संभावना 10 से 15 जून तक

गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए फिलहाल राहत की खबर नहीं है। झारखंड में मानसून की तिथि पर अभी अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसा बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्मदाब के कमजोर पड़ने के कारण हो रहा है। हालांकि, जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में विगत चार दिनों से बादल छाये हुए हैं। शहर के कई भागों में हल्की बारिश भी हुई है, परन्तु गर्मी और उमस पर ब्रेक नहीं लग पाया है। बंगाल की खाड़ी में सिस्टम बनने की प्रक्रिया जारी है।

झारखंड के ऊपर भी एक टर्फ लाइन बनी हुई है, जो उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के विभिन्न भागों में कायम है। जमशेदपुर के ऊपर साइक्लोनिक सकरुलेशन भी कायम है। मौसम विभाग पटना के निदेशक अनिमेश चन्द्रा के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बनने वाला निम्नदाब उस तरह से नहीं बन पा रहा है, जैसा बनना चाहिए। इस कारण मानसून लौहनगरी में कब दस्तक देगा, निश्चित तिथि पर कुछ नहीं कहा जा सकता। पूर्व अनुमान के अनुसार 10 से 15 जून के बीच मानसून आ सकता है। चन्द्रा के अनुसार मानसून आने के पूर्व आद्र्रता का स्तर बढ़ जाने से उमस से लोग परेशान रहने लगते हैं। यह मानसून आने का संकेत है। वैसे केरल में 23 मई को ही मानसून आ चुका है और मौसम विभाग का अनुमान था कि एक सप्ताह पूर्व जब केरल में मानसून आ गया है, तो झारखंड में भी आठ से 10 जून के बीच मानसून आ जायेगा। पिछले पांच दिनों से जमशेदपुर का पारा 36 से 38 डिग्री के आसपास है। मौसम विभाग का अनुमान है कि गर्मी और उमस से फिलहाल राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है।

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