class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बिसमिल्लाह खान युवा पुरुस्कार से नवाजी गयीं गौरी

लौहनगरी की कथक नृत्यांगना गौरी दिवाकर झारखंड की पहली कलाकार होंगी, जिसे संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली द्वारा उस्ताद बिसमिल्लाह खान पुरुस्कार से नवाज जायेगा। इस पुरस्कार का शुभारंभ अकादमी ने 2006 में किया था। अकादमी की सोच है कि देश के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने एवं अपनी प्रतिभा को निखारने में यह पुरस्कार मदद करेगा। देशभर में वैसे युवा कलाकारों को चिह्न्ति कर इस पुरस्कार से नवाजा जाता है, जो अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। अकादमी ने वर्ष 2009 में इस पुरस्कार के लिए गौरी को चुना है। पुरुस्कार प्रदान करने की तिथि की घोषणा इस माह के अंत तक कर दी जायेगी। गौरी दिवाकर टाटा मोटर्स के पूर्व कर्मचारी सी दिवाकर की पुत्री हैं।

उन्होंने नृत्य की प्रारंभिक शिक्षा टेल्को कॉलोनी स्थित संगीत शिक्षिका सुमिता चौधरी से ली। इसके बाद पंडित बिरजू महाराज एवं पंडित जयकिशोर से नृत्य की बारीकियां समझीं। वर्तमान में कथक कला मंदिर नई दिल्ली में अदिति मंगल दास से वह शिक्षा ले रही हैं। गौरी को प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद से संगीत प्रभाकर की उपाधि मिल चुकी है। हिन्दुस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा की लोहा मनवा चुकी गौरी अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस सहित अन्य देशों में भी अपने नृत्य का जलवा दिखा चुकी हैं। वे दूरदर्शन की ग्रेड ए कलाकार भी हैं। फिलहाल, दृष्टिकोण डांस फाउंडेशन दिल्ली में वह काम कर रही हैं। हाल के दिनों में राष्ट्रपति प्रतिभा सिंह पाटिल स्पेन की यात्रा पर गयी थीं। राष्ट्रपति के प्रतिनिधिमंडल में गौरी दिवाकर भी शामिल थीं। दिल्ली से फोन पर बात करते हुए गौरी ने बताया कि झारखंड में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत है सरकारी मदद की।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बिसमिल्लाह खान युवा पुरुस्कार से नवाजी गयीं गौरी