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जिम से जुड़ी सावधानियां

जिम से जुड़ी सावधानियां

आज के दौर में कसरती बदन बनाने के लिए युवाओं में जिम जाने का क्रेज काफी बढ़ा है। इस में कोई शक नहीं कि ग्लोबलाइजेशन की लहर में आई मल्टीनेशनल कंपनियों ने सजे-धजे मैनेजरों और एग्जीक्यूटिव रखने शुरू किए हैं। इसकी वजह से भी युवाओं में फिटनेस कल्चर में खुद को शामिल करने की ललक नजर आती है। हालांकि इसमें कोई शक नहीं कि सुगठित बॉडी से लुक्स तो बेहतर बनते ही हैं, शरीर में भी मजबूती आती है।

गर नहीं किया सही तरीके से व्यायाम


व्यायाम के तौर-तरीकों पर गौर करें, क्योंकि गलत तरीके से व्यायाम करने से  शरीर के अंगों, जोड़ों में चोट आ सकती है। गजनी फिल्म में आमिर खान और ओम शांति ओम में शाहरुख खान के एब्स ने युवाओं में सिक्स या ऐट पैक एब्स बनाने के प्रति क्रेज काफी बढ़ाया था। अकसर एब्स बनाने के चक्कर में युवा जल्दबाजी करने लगते हैं, जिसका खामियाज उन्हें बाद में उठाना पड़ता है। बात ध्यान रखने की है, कि अन्य मांसपेशियों की तरह, पेट की मांसपेशियों को भी पर्याप्त आराम की जरूरत होती है। इसलिए बेहतर यही होगा कि आप एब्स की एक्सरसाइज एक दिन छोड़कर करें।


इतना ज्यादा नहीं कि..


शरीर के एक हिस्से की लगातार एक्सरसाइज करने से चोट लगने की आशंका काफी रहती है। मजबूती बढ़ाने के लिए जरूरी है कि आप व्यायाम उस सीमा तक ही करें, जहां तक आप सह सकने में सक्षम हों। यह बेहद जरूरी है कि आप मांसपेशियों को एक दिन का आराम दें। इसलिए इस बात की सलाह दी जती है कि मांसपेशियों को थकान से बचाने के लिए उन्हें पर्याप्त आराम दें। भारी वजन उठाने का फर्क अकसर कमर पर पड़ता है।


गफलत में न फंसें


अकसर एक्सरसाइज को लेकर काफी मिथक होते हैं। लोगों को भ्रम होता है जब आप व्यायाम करना बंद कर देते हैं, तो शरीर मोटा हो जता है। गौर करें कि मसल्स और फैट दोनों के अलग गुण होते हैं। मसल कभी फैट में नहीं बदल सकती और फैट मसल्स में नहीं। जब आप व्यायाम करना बंद कर देते हैं, तो आपकी मसल, कसरत से पहले वाली अवस्था में आ जती हैं।


क्या शरीर गलत सिग्नल दे रहा है ?


अकसर युवा गलतफहमी में रहते हैं कि अगर एक्सरसाइज के दौरान दर्द नहीं होगा, तो इसका मतलब है कि फायदा नहीं हो रहा। शरीर में दर्द होना इस बात का संकेत है कि कुछ सही नहीं हो रहा। ध्यान रखें कि वर्कआउट के दौरान आपको दर्द हो रहा है, तो आप या तो कसरत बंद कर दें या उसकी गति धीमी कर दें। हालांकि आपको मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए और अपनी सहनशक्ति को बढ़ाने में थोड़ी असुविधा होगी, लेकिन  अगर ये दर्द हद से ज्यादा है, तो ये सावधान रहने का सिग्नल है।


झोलाछाप ट्रेनर नहीं


ट्रेनर चुनने से पहले पूरी तस्दीक कर लें कि वह ट्रेनर कितना योग्य है। कई ट्रेनर तो ऐसे होते हैं, जिनके पास न तो कोई डिग्री होती है और न ही उन्हें फिटनेस ट्रेनिंग के बारे में सही जनकारी होती है। किसी योग्य ट्रेनर से ही
प्रशिक्षण लें।


खान-पान का रखें ध्यान


एम्स की सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर नीतू जन का कहना है कि खाने में दाल और सोया ज्यादा लें, साथ ही ऐसे सप्लीमेंट्स लें जिनमें प्रोटीन अधिक लेकिन कैलोरी कम हो। इसके अलावा, प्रोटीन में महत्वपूर्ण अमीनो ऐसिड भी होने चाहिए। पसीने के कारण शरीर में पानी की मात्रा कम होती है। ऐसे में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब पानी पिएं। आप ऐसी डाइट लें, जिसमें पोषक तत्वों, फाइबर की अधिकता हो और फैट की मात्रा कम हो। विटामिन, प्रोटीन, कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में लेते रहें।


हानिकारक सप्लीमेंट से तौबा


अकसर युवा जल्दी बॉडी बनाने के चक्कर में स्टेरॉयड सरीखे हानिकारक सप्लीमेंट लेते हैं, जो सेहत के लिए काफी नुकसानदायक होते हैं। डॉ. प्रतेश कौल कहते हैं कि स्टेरॉयड जसे सप्लीमेंट लेने से मसल्स तेजी से बनती है, इस चक्कर में युवा इनका सेवन ज्यादा करते है, लेकिन ये सप्लीमेंट शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम के साथ कई दूसरे हिस्सों को हानि पहुंचाते हैं।

 

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