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तलाश है मैनेज कर लेने वाले धन कुबेर की

झारखंड से राज्यसभा सदस्य के चुनाव के लिए यूपीए को वैसे प्रत्याशी की तलाश है, जो मैनेज करने में सक्ष्म हो। यहां किसी दल के पास बहुमत नहीं है। अपनी बदौलत कोई दल राज्यसभा सदस्य नहीं चुन सकता है। ऐसी स्थिति में मैनेज कर पाने वाले उम्मीदवार के सिर पर ही जीत का सेहरा बंधना तय माना जा रहा है। यूपीए इस मौके को गंवाना नहीं चाहती है। यही कारण है कि मैनेज करने वाले प्रत्याशी की खोज जारी है। 


 केंद्र की सत्ता पर काबिज यूपीए अब राज्यसभा में भी सदस्य संख्या बढ़ाने की हरसंभव कोशिश कर रही है। इसीलिए 20 जून को झारखंड में होने वाले चुनाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में कांग्रेस 67 सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन इस पर संतोष नहीं किया जा सकता है। भाजपा के पास 47 सदस्य हैं। कांग्रेस की नजर झारखंड की दोनों सीटों पर है। हालांकि झमुमो ने एक सीट पर जोरदार दावेदारी पेश की है। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का कहना है कि झामुमो का दावा सही है, लेकिन उन्हें आश्वस्त करना होगा कि जीत उनके ही उम्मीदवार की होगी। इसके लिए झामुमो को भी मैनेज कर पाने वाला उम्मीदवार उतारना चाहिए। 


 झामुमो को कांग्रेस, राजद के अलावा निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन चाहिए। दूसरे दल के अथवा स्वतंत्र विधायक यूं ही किसी का समर्थन करेंगे, इसकी संभावना कम ही है। कांग्रेस आलाकमान किसी बड़े उद्योगपति पर भी नजर रख रही है।

पिछली बार प्रस्तावकों के हस्ताक्षर के साथ परिमल नाथवाणी एकाएक मैदान में कूदे थे और जीत भी हासिल की थी। इस बार किसी मालदार झारखंडी को टिकट देने की चर्चा है, जो विधायकों को मैनेज कर सके। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो बाहर से भी किसी धन कुबेर को लाया जा सकता है। कांग्रेस के शीर्ष नेता झमुमो नेतृत्व को भी समझने का प्रयास कर रहे हैं कि यदि उनके पास धन कुबेर नहीं है, तो सीट छोड़ दें।

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