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सीट के लिए भाजपा व झामुमो में समझौता

झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर हो रहे उपचुनाव में भले ही यूपीए का पलड़ा भारी है, भाजपा भी एक सीट पर नजर गड़ाये बैठी है। भाजपा के वोटों के अलावा जरूरत के लिए अतिरिक्त वोटों का जुगाड़ पार्टी का उम्मीदवार अपने लिए करने के लिए स्वतंत्र होगा। पार्टी के शीर्ष नेता इसके लिए कोई अतिरिक्त मदद नहीं करेंगे। इस फार्मूले के तहत धनबाद से भाजपा के एक नेता झमुमो के सहयोग से एक सीट पाने की जुगत में हैं। पार्टी के संभावित उम्मीदवारों की सूची में भी वह शामिल हैं।


सूत्रों पर यकीन करें, तो राज्यसभा चुनाव पर झामुमो सुप्रीमों से भाजपा के कुछ नेताओं की बातचीत हुई है। मामला गिव एंड टेक का होगा। भाजपा झमुमो को एक सीट के लिए आवश्यक वोट दिलाने में मदद करेगी, वहीं झामुमो भाजपा के लिए यह काम करेगा। झामुमो के पास 17 विधायक हैं और भाजपा के पास 24। दोनों एक-दूसरे की मदद से एक-एक सीट हासिल कर सकते हैं। एक सीट पर जीत के लिए एक उम्मीदवार को कम से कम 37 वोट चाहिए। इस प्रस्ताव पर झामुमो सुप्रीमो ने शुरू में ना-नुकूर की। लेकिन अभी इस पर बातचीत खत्म नहीं हुई है। भाजपा के दिल्ली और रांची में कुछ नेता इसे अंजाम देने में जुटे हैं। ऐसी परिस्थिति में झामुमो के अतिरिक्त वोटों के लिए भाजपा के उम्मीदवार को कुछ विशेष करना होगा। यह योजना परवान चढ़ती है या नहीं, जल्द इस पर से पर्दा उठ जायेगा।


राज्यसभा चुनाव में पार्टी ह्विप लागू नहीं होता है। यह सदन के बाहर का मामला है। इसलिए विधायक किसी भी उम्मीदवार को वोट देने के लिए स्वतंत्र हैं। झारखंड में राज्यसभा के लिए हुए कई चुनावों के दौरान पैसे का खुला खेल लोग देख चुके हैं। इस बार के चुनाव में भी थैली का जोर रहेगा, इसमें कोई संदेह नहीं है। जिसकी थैली भारी होगी, सेहरा उसके सिर बंध सकता है।

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