class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आमद कम, दाम ज्‍यादा, व्यापारी परेशान

यूपी में मौसम की रुसवाई से इस बार लंगड़ा व दशहरी आम की आमद कम हुई है। यही हाल अचार वाले आम का है। गर्मी की कड़वाहट कम होने से पहले ही बढ़ चुके आम के दाम में और वृद्धि की आशंका है। बिहार में भी आम का उत्पादन कम होने के कारण पूर्वाचल की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी पहड़िया में बिहार के ग्राहक अपेक्षाकृत बढ़े हैं।

इस वर्ष पर्याप्त बारिश न होने व आंधी के कारण बौर के समय ही आम को काफी नुकसान पहुंचा। पहड़िया मंडी में लखनऊ, मलीहाबाद, रामपुर, मुरादाबाद, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ व संभल आदि क्षेत्रों से आम आते हैं। जिनमें लंगड़ा, दशहरी, चौसा, सफेदा, बंबइया समेत अचार में प्रयोग होने वाले रामकेड़ा आदि प्रजतियां हैं। इनकी सप्लाई पूर्वाचल के कई जनपदों समेत बिहार के सासाराम, बक्सर, आरा, डुमरांव आदि जिलों में होती है।

व्यापारियों की मानें तो इस बार आम की आमद बीते साल की अपेक्षा चौथाई तक सीमित है। मंडी में प्रतिदिन औसतन एक दजर्न डीसीएम व अन्य वाहनों में लंगड़ा व दशहरी आम आ रहे हैं। चौसा, बंबइया और सफेदा की आमद कुछ दिनों बाद शुरू होगी।

आम के थोक रेट में 5 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। जिसमें लंगड़ा 600 से एक हजार रुपये प्रति मन (40 किलो) व दशहरी 550 से 750 रुपये प्रति मन बिक रहा है। फुटकर भाव 10 रुपये प्रति किलो तक बढ़ा है। फुटकर रेट में आम 25 से 30 रुपये प्रति किलो है। हालांकि जिले में क्षेत्रवार फुटकर रेट में काफी अंतर है। गर्मी कम होते ही आम की डिमांड और बढ़ेगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अबकी आम होगा ‘खास’