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दस हजार परिवारों के सामने गहराया पानी का संकट

शहर के तीन सेक्टरों में दस हजार परिवार पानी का संकट ङोल रहा है। ये सेक्टर वे हैं जहां पर कम प्रेशर के साथ पानी आता है। जिन वाटर वर्क्स के साथ ये जुड़े हुए हैं उनके सबसे आखिरी में ये सेक्टर पड़ते हैं। इनमें जब तक पानी पहुंचता है तो उसका प्रेशर इतना कम हो जाता है कि ऊपरी मंजिलों पर नहीं चढ़ता। निगम के अफसर भी स्वीकार करते हैं कि सेक्टर 38 डी, 18 ए और 21 डी में समस्या है।


इनके अलावा दक्षिणी सेक्टरों में मल्टी स्टोरी फ्लैटों में भी कम प्रेशर के साथ पानी आ रहा है। निगम के अफसरों ने अब फैसला किया है कि इन सेक्टरों में अब नए ट्यूबवल लगाए जाएंगे और एक सेक्टर में अंडर ग्राउंड रिजवायर बनाया जाएगा। ताकि समस्या से निपटा जा सके।


सेक्टर 7 में पानी की समस्या को लेकर लोगों के प्रदर्शन के बाद निगम के चीफ इंजीनियर एसके बंसल ने अफसरों की बैठक बुलाई जिसमें एसई आर के गोयल व अन्य अफसरों ने हिस्सा लिया। बैठक में बताया गया है कि सेक्टर 7 की समस्या के लिए खुद सीपीडब्लूडी वाले जिम्मेदार हैं। सुबह ही निगम के अफसरों ने मौके का दौरा किया। उन्होंने बताया कि इस कालोनी में बड़े टैंक की जरूरत है। निगम की तरफ से पांच कनेक्शनों के जरिए पानी सप्लाई किया जा रहा है और यह पूरे प्रेशर के साथ आ रहा है। निगम ने सीपीडब्ल्यूडी को सोमवार को इस बारे में चिट्ठी भी लिख दी है जिसमें कहा गया है कि वे अपने इंतजाम करें। निगम के अफसरों ने बताया कि  शहर में इस समय 87 एमजीडी पानी आ रहा है। गर्मियों में पानी की खपत बढ़ रही है इसलिए यह तय किया गया है कि सोसाइटियों में अंडर ग्राउंड वाटर टैंकों में पानी की ओवर फ्लोइंग रोकी जाएगी। जिन सोसाइटियों में टैंक या फिर बूस्टिंग सिस्टम नहीं है उनमें लगाने के लिए इनसे तुरंत कहा जाएगा।


पावर कालोनी में दूर होगी समस्या 

        
सेक्टर 52 की पावर कालोनी में पानी की समस्या को दूर करने का इंतजाम कर लिया गया है। इसकी सप्लाई अब सेक्टर 52 के ही वाटर वर्क्स से ही कर दिया गया है। सेक्टर 37 के वाटर वर्क्स के यह सबसे आखिरी में था जिससे परेशानी होती थी।      

तीन हजार लोगों को नोटिस

निगम ने पानी की बर्बादी  करने पर 299 लोगों को नोटिस जारी कर दिए हैं। इनमे से सात लोगों के चालान किए गए हैं। जिनसे जुर्माना वसूल किया गया है। निगम ने इन लोगों को सुबह-सुबह बगीचों को सींचते हुए या फिर वाहनों को धोते हुए पाया था। निगम के अफसरों का कहना है कि इन लोगों को पकड़ने के लिए मुहिम जारी है। निगम ने अप्रैल के महीने से लॉन सींचने पर रोक लगा रखी है।

पानी की बर्बादी, कोई रोक नहीं 

 
एक ओर जहां नगर निगम पानी के संकट से जूझ रहा है वहीं कई कालोनियां ऐसी हैं जिनकी छतों पर रखी टंकियों में पानी ओवर फ्लो लगातार होता रहता है और कोई देखने वाला नहीं है। सेक्टर 52 की एलआईजी कालोनी  की छतों पर रखी टंकियों में पानी को बहते हुए देखा जा सकता है। कालोनियों में नलों के टेप खुले रहते हैं और कई मार्केटों में लगे नलकों में वाहनों को धोना तक जारी है। सेक्टर 32 डी में  पानी के नलके में स्कूल की बसों को धोया जाता है लेकिन आज तक विभाग की इन पर नजर नहीं पड़ी है।

तीन सेक्टरों में बनेंगे यूजीआर 

              
नगर निगम तीन और सेक्टरों में अंडरग्राउंड रिजवायर (यूजीआर)  को बनाने का फैसला किया है। इनकी क्षमता 70 हजार गैलन की होगी।  ये यूजीआर सेक्टर 31 डी व 47 सी के अलावा सेक्टर 38 में भी बनाए जाएंगे। सेक्टर 31 व 47 में एयरफोर्स के कर्मचारियों के लिए बड़ी संख्या में मकान बनाए गए हैं। इनकी जरूरत को पूरा करने के लिए यूजीआर बनाए जा रहे हैं।

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