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रिटायरमेंट के साथ ही खत्म होते जाएंगे स्थाई शिक्षकों के पद

सूबे में पढ़ाई की जो नई व्यवस्था अमल में आ रही है उसके तहत नए शिक्षकों को वेतनमान नहीं नियत वेतन ही मिलेगा। बताया गया कि सरकार अब वेतनमान में शिक्षकों की बहाली नहीं करने वाली है बल्कि रिटायरमेंट के साथ ही स्थाई शिक्षकों के पद स्वत: समाप्त होते जाएंगे। उनकी जगह अब नियत वेतन की व्यवस्था ही काम करेगी। इस बाबत सरकार ने नवनियुक्त शिक्षकों को शुरू में ही अपना कांसेप्ट स्पष्ट कर दिया था। यही वजह है कि उनकी बहाली को ‘नियोजन’ का नाम दिया गया और ज्वायनिंग के लिए नियुक्ति पत्र की जगह ‘नियोजन पत्र’ थमाया गया।

इसमें उनकी सेवाओं के बदले में नियत यानी फिक्स्ड वेतन दिए जाने का जिक्र है। नियोजन इकाइयों के मार्फत बिल्कुल स्थानीय स्तर पर होने वाली बहाली के चलते ही इनकी सेवा शर्तो में फिलहाल ट्रांसफर का भी प्रावधान नहीं है। इस वर्ग के शिक्षकों की भारी तादाद के मद्देनजर कुछ संगठन झांसा देकर अपने प्रभाव में लेने की ताक हैं। वे जानते हैं कि वेतनमान और स्थानांतरण इन शिक्षकों की दुखती रग है जिसे सहलाकर वे इनको अपने वश में कर सकते हैं।

इसमें कोई शक नहीं कि शिक्षकों की इतनी बड़ी फौज जिस संगठन से भी जुड़ेगी उसकी ताकत बढ़ जाएगी। यही कारण है कि इनको पटाने के लिए शिक्षक संगठनों में स्पर्धा रहती है। हकीकत में बिना संबंधित नियमावली में आमूलचूल परिवर्तन के दोनों मामलों में निर्णय करना संभव नहीं है। एक अधिकारी के मुताबिक बेरोजगारी के दौर से गुजरने वाले युवा किसी भी शर्त पर सरकारी काम पाना चाहते हैं और जब काम मिल जाता है तो उन शर्तो को भूल जाते हैं।

दूसरे चरण की बहाली को लेकर युवाओं में चल रही मारामारी इसका उदाहरण है। वैसे शिक्षा विभाग इन शिक्षकों का नियत वेतन बढ़ाने की कवायद में जुटा है। जानकारी के मुताबिक इस कोशिश के साकार होने पर किसी भी शिक्षक का वेतन 8 हजार से कम नहीं होगा। यह अधिकतम 14-15 हजार तक जा सकता है। इन शिक्षकों को इंक्रीमेंट देने की भी बात है।

हाल में मुख्यमंत्री के यहां प्रधान शिक्षा सचिव अंजनी कुमार सिंह की अगुआई में हुई विभाग की समीक्षा बैठक में इनको एकमुश्त तीन साल का इंक्रीमेंट देने पर सहमति बनी। पहले यह वेतनवृद्धि 150 रुपए सालाना होनी थी मगर वर्ष 2006 में बहाल हुए शिक्षकों को काम करते अब चूंकि तीन साल हो गए हैं लिहाजा एकबारगी उनका वेतन पांच सौ रुपए बढ़ाया जाना है।

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  • Web Title:नई व्यवस्था में स्थाई बहाली संभव नहीं