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आदि-कृति की खूबसूरत कलाकृति

आदि-कृति की खूबसूरत कलाकृति

आदि काल से ही समाज में गहनों का चलन रहा है। तब भले ही वे सोने, चांदी और हीरे के नहीं बने होते थे, लेकिन उनमें कलात्मक ढंग से पिरोए गए सौंदर्य को आज भी विभिन्न संग्रहालयों में देखा ज सकता है। और यदि ऐसे प्राचीन गहनों की खूबसूरती को आधुनिक स्वरूप में ढालकर पेश किया जाए, तो शत-प्रतिशत उनकी ओर ध्यान जाना स्वाभाविक है। आदिवासी समाज के कुछ ऐसे ही खूबसूरत गहनों को पेश किया है रिसोर्स इंडिका प्रा.लि., श्याम सुंदर को. ज्वेलर्स प्रा.लि. और जेठा भाई जवेरी ने, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के साथ मिलकर। इसके तहत गोल्ड ज्वेलरी की शानदार डिजइनिंग की गई है, जो शायद ही पहले कहीं देखी गई हो। इसके पीछे डिजाइनिंग की टीम ने वाकई  काफी मेहनत की है।


आदि-कृति के नाम से उतारी गई ज्वेलरी की यह रेंज गहनों की वर्षो पुरानी कलात्मकता का शानदार नमूना है। मुख्य रूप से इसमें उत्तर-पूर्व के राज्यों, जसे असम, मिजोरम, मेघालय, सिक्िकम, मणिपुर आदि की ज्वेलरी को शामिल किया गया है। 


कोई शक नहीं कि जरा हटकर नजर आनेवाले ये गहने नया ट्रेंड बनाने में पूरी तरह से सक्षम हैं। पिछले दिनों आदि-कृति ज्वेलरी की इस रेंज को एफ बार में कृष्णा सोमानी, अमनप्रीत वाही आदि मॉडलों द्वारा रैंप पर पेश किया गया। हालांकि शो काफी देर से शुरू हुआ, लेकिन लोग बेसब्री से इन नायाब गहनों को देखने के लिए इंतजर करते रहे। हर आयु वर्ग द्वारा इन गहनों को पसंद किया गया। शो के दौरान आंखें बस उन ज्वेलरी पर ही टिकी रहीं।  

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