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कॉलेज में एंट्री हो तो ऐसी

कॉलेज में एंट्री हो तो ऐसी

भले ही टेंशन एडमिशन का हो, पर इस टेंशन के बीच भी यंगस्टर्स अपने लुक पर पूरा ध्यान दे रहे हैं। खुद को स्मार्ट और स्टाइलिश लुक देने में ये युवा कोई भी कसर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। तभी तो कुछ अपने नामांकन के लिए ट्रेंडी ड्रेस खरीदने में लगे हैं, कुछ अपने दोस्तों से कपड़े एक्सचेंज करने में।


मामला है स्टाइल का
युवाओं का फैशन देखना हो तो फिलहाल कॉलेज कैंपस से अच्छा विकल्प आपको नहीं मिलेगा। वजह साफ है। कॉलेज में नई जिंदगी शुरू करने वाले हर छात्र की यह इच्छा होती है कि वह अपने ड्रेसिंग सेंस से सभी को आकर्षित करता रहे। तभी तो जितना चक्कर छात्र कॉलेज में एडमिशन के लिए लगा रहे हैं, उतना ही मार्केट में अपनी पोशाकों की खरीदारी के लिए भी घूम रहे हैं। अपने लुक को जरा हटकर दिखाने के लिए हर छात्र बेचैन है।
इस बारे में पंकज आर्या का कहना है, ‘ब्वॉयज के लिए मार्केट में इतने ऑप्शन नहीं हैं, जितने गल्र्स के लिए। इसीलिए मैंने कुछ नया करने के लिए अपने बालों को खास लुक दिया है, मोर्क कट में बालों को कटवा कर।’
दिल्ली विश्वविद्यालय में नामांकन के लिए पहुंची निशा डुडेजा कहती है, ‘डीयू फैशनपरस्तों का कैंपस है। ऐसे में इस कैंपस में खुद को शामिल करने के लिए मैंने  अपने स्टाइल में कोई कोताही नहीं बरती है।  मैंने अपने लिए जमकर शॉपिंग की है, ड्रेस की भी और एक्सेसरीज की भी।’


उधार का फैशन
वैसे आमतौर पर  लड़के अपने  दोस्तों से ड्रेसेज एक्सचेंज कर लेते हैं, लेकिन अब तो गल्र्स भी फैशन की दौड़ में आगे बढ़ने के लिए अपने दोस्तों से कपड़े उधार लेने में कोई शर्म महसूस नहीं करतीं।
इस बारे में दीपक कहते हैं, ‘मुङो शॉपिंग करना बिल्कुल पसंद नहीं है। लेकिन डीयू में एडमिशन लेने के लिए भला मैं सिम्पल बनकर कैसे जा सकता हूं? इसलिए मैंने अपने एक दोस्त से कुछ गॉगल्स और टी-शर्ट्स मांगी हैं। अब इन टी-शर्ट्स को मैं अपनी पुरानी जींस के साथ पहनूंगा, जो मुङो एक डिफरेंट लुक देगा।’
उधर, चारू कहती है, ‘स्कूल में एक ही ड्रेस होने के कारण मेरे पास कुछ खास स्टाइल के कपड़े नहीं हैं। इसलिए मैंने खुद को कूल दिखाने के लिए अपनी फ्रेंड से कुछ कपड़े मांगे हैं। इससे मुङो अपनी दोस्त के वो सारे कपड़े ट्राई करने का मौका भी मिल गया, जो मुङो बेहद पसंद थे। सबसे पहले मैंने अपनी फ्रेंड के कुर्ते को जींस के ऊपर ट्राई किया है। इसके अलावा मैंने स्ट्रेट जींस, केप्री पैंट और शॉर्ट सलवार-कुर्ते भी खरीदे हैं, ताकि मैं एक ही तरह की ड्रेसेज पहनते-पहनते बोर न हो जाऊं।’


बात बनेगी इसी कार से
इन दिनों युवाओं में अपने दोस्तों के साथ मिलकर या अकेले भी कुछ खास महंगी गाड़ियां किराये पर लेकर कॉलेज जने का ट्रेंड चल पड़ा है। तभी तो डीयू में एडमिशन के लिए पहुंचे ईशांत को जब उसके दोस्तों ने मर्सिडीज से उतरते हुए देखा, तो उन्हें अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। जब उसके दोस्तों ने कार का राज जनना चाहा, तब उसने बताया, ‘मैंने यह कार ईस्ट अफ कैलास से किराये पर ली है।’
युवाओं की इस रुचि के मद्देनजर आजकल कुछ कंपनियां महंगी गाड़ियां रेंट पर देने लगी हैं। ये कंपनियां यंगस्टर्स का पूरा ब्यौरा लेने के बाद ही उन्हें कारें रेंट पर देती हैं। इनका रेंट कार के मॉडल और किलोमीटर के हिसाब से तय किया जाता है। जितनी महंगी कार होती है, उतना ज्यादा रेंट होता है। टोयोटा कोरोला, फोर्ड, स्कोडा अक्टीविया, मर्सिडीज ई और एस क्लास आदि का युवाओं में क्रेज है। कारजोनरेंट, ईको रेंट ए कार आदि कुछ ऐसी कंपनियां हैं, जिनके पास रेंट पर कारें उपलब्ध हैं।

कॉलेजों में दाखिले की गहमागहमी शुरू हो चुकी है। पर बात सिर्फ नामांकन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि स्टाइल और लुक को भी खूब महत्व दिया ज रहा है, ताकि पहले दिन से ही कॉलेज में रौब कायम किया ज सके। भले ही इसके लिए किराये की ड्रेस लेनी पड़े या किराये की कार। जब कॉलेज में करनी हो धमाकेदार एंट्री, तो स्टाइल तो मांगता ही है।

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