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धड़कनें रहें जवाँ

दिल की धड़कनों को मजबूत और जवां बनाए रखने में हमारे खानपान का बहुत बड़ा हाथ है। आहार सात्विक और संतुलित रहे तो दिल मुस्तैदी से काम करता रहता है और जीवन यात्रा खुशी-खुशी बीत जाती है। पर यह सच्चाई मालूम न हो और ढील बरतते रहें तो नदान दिल को इसकी भारी कीमत आद करनी पड़ सकती है।

शरीर में नुकसानदेह एलडीएल कोलेस्टेरॉल और ट्राइग्लिसराइड बढ़ने से दिल को खुराक देनेवाली धमनियों में चर्बी की परतें जमती जाती हैं, जिससे ये संकरी होती जाती हैं। नतीजतन बेचारे दिल पर कभी भी मुसीबतों का पहाड़ टूट सकता है और दिल का दौरा पड़ने से यह खुशनुमा जीवन का सफर आधा-अधूरा टूट सकता है। पर कोई चाहे तो कुछ छोटी-छोटी सावधानियां जीवन में उतार दिल को कयामत तक जवां बनाए रखसकता है, जानना चाहेंगे न आप इन गुरू मंत्रों को, तो पढ़िए कि ये आसान नुस्खे क्या हैं !

वेजिटेरियनिज्म पर जोर रखें

 यह मूलभूत वैज्ञानिक सच है कि वनस्पति जगत से मिलनेवाले भोजन जैसे अनाज, दालों, शाक-सब्जियों और फलों में कोलेस्टेरॉल नहीं होता। प्राकृतिक रूप से कोलेस्टेरॉल सिर्फ उन चीजों में मिलता है जो हम किसी पशु से प्राप्त करते हैं।

चर्बीयुक्त मांस, पशुओं के खास अंगों का मांस जैसे भेजा, कलेजी और गुर्दे का मांस, अंडे की जर्दी, क्रीम-युक्त दूध और दुग उत्पाद, जैसे खालिस घी, मलाई, आइसक्रीम, पनीर और मक्खन में ही कोलेस्टेरॉल प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। वेजेटेरियन लोगों के खून में दौरा करनेवाला कोलेस्टेरॉल उनके अपने जिगर में बना होता है। यह कोलेस्टेरॉल उन अतिरिक्त कैलोरी से बनता है, जिनकी शरीर में खपत नहीं हो पाती और जीगर उसे आगे के लिए चर्बी के भंडार में बदल देता है।

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