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टेनिस की सनसनी

टेनिस की सनसनी

हैदराबाद के मध्मवर्गीय परिवार की सानिया मिर्जा ने विपरित परिस्थितियों में भी ना सिर्फ टेनिस के क्षेत्र में अपनी पहचान बनायी वल्कि महिलाओं के खेल के प्रति नजरिया भी बदला।

सानिया मिर्जा का जन्म 15 नवंबर, 1986 को हुआ था।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2003 में की थी। छह साल की उम्र में स्टेफी ग्राफ को अपना रोल मॉडल बनाने वाली सानिया आज खुद करोड़ों भारतीयों की रोल मॉडल बन चुकी हैं।

अमेरिकी ओपन ग्रैंड स्लम के चौथे दौर में प्रवेश करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी।

विश्व की शीर्ष 30 महिला खिलाड़ियों में आने से लेकर विम्बलडन के सेंटर कोर्ट पर खेलने का मौका पाने तक, हर मामले में वह पहली महिला टेनिस खिलाड़ी रही। इस दौरान उनका सामना पावरप्ले की धुरंधर विलियम बहनों सेरेना और वीनस, मारिया शारापोवा, कुज्नेत्सोवा
से हुआ।

वर्ष 2004 में सानिया को उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार से नवाज गया।

सानिया ने 2003 में महिलाओं के विम्बलडन के डबल चैंपियनशिप का खिताब जीता था।

सानिया टेनिस की दुनिया में पहली भारतीय महिला खिलाड़ी है। जिनकी सिंगल में रैंकिंग 27 थी और डबल में 18।
 
2005 में सानिया पहली ऐसी महिला थी, जिन्होंने डब्लयूटीए खिताब जीता था।

2006 में सानिया ने दोहा एशियन खेलों में महिलाओं की कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता था।

2006 में सानिया को पद्मश्रीके खिताब से नवाज गया था।
 
सानिया का कहना है कि टेनिस ने मुझे नाम और शोहरत दी है और अब मैं इसे लौटाना चाहती हूं।

सानिया उद्योगपति सोहराब मिर्जा से जल्द ही विवाह करने जा रही है।                  सानिया मिर्जा का जन्म 15 नवंबर, 1986 को हुआ था।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2003 में की थी। छह साल की उम्र में स्टेफी ग्राफ को अपना रोल मॉडल बनाने वाली सानिया आज खुद करोड़ों भारतीयों की रोल मॉडल बन चुकी हैं।

अमेरिकी ओपन ग्रैंड स्लम के चौथे दौर में प्रवेश करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी।

विश्व की शीर्ष 30 महिला खिलाड़ियों में आने से लेकर विम्बलडन के सेंटर कोर्ट पर खेलने का मौका पाने तक, हर मामले में वह पहली महिला टेनिस खिलाड़ी रही। इस दौरान उनका सामना पावरप्ले की धुरंधर विलियम बहनों सेरेना और वीनस, मारिया शारापोवा, कुज्नेत्सोवा
से हुआ।

वर्ष 2004 में सानिया को उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार से नवाज गया।

सानिया ने 2003 में महिलाओं के विम्बलडन के डबल चैंपियनशिप का खिताब जीता था।

सानिया टेनिस की दुनिया में पहली भारतीय महिला खिलाड़ी है। जिनकी सिंगल में रैंकिंग 27 थी और डबल में 18।
 
2005 में सानिया पहली ऐसी महिला थी, जिन्होंने डब्लयूटीए खिताब जीता था।

2006 में सानिया ने दोहा एशियन खेलों में महिलाओं की कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता था।

2006 में सानिया को पद्मश्रीके खिताब से नवाज गया था।
 
सानिया का कहना है कि टेनिस ने मुझे नाम और शोहरत दी है और अब मैं इसे लौटाना चाहती हूं।

सानिया उद्योगपति सोहराब मिर्जा से जल्द ही विवाह करने जा रही है।                  सानिया मिर्जा का जन्म 15 नवंबर, 1986 को हुआ था।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2003 में की थी। छह साल की उम्र में स्टेफी ग्राफ को अपना रोल मॉडल बनाने वाली सानिया आज खुद करोड़ों भारतीयों की रोल मॉडल बन चुकी हैं।

अमेरिकी ओपन ग्रैंड स्लम के चौथे दौर में प्रवेश करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी।

विश्व की शीर्ष 30 महिला खिलाड़ियों में आने से लेकर विम्बलडन के सेंटर कोर्ट पर खेलने का मौका पाने तक, हर मामले में वह पहली महिला टेनिस खिलाड़ी रही। इस दौरान उनका सामना पावरप्ले की धुरंधर विलियम बहनों सेरेना और वीनस, मारिया शारापोवा, कुज्नेत्सोवा
से हुआ।

वर्ष 2004 में सानिया को उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार से नवाज गया।

सानिया ने 2003 में महिलाओं के विम्बलडन के डबल चैंपियनशिप का खिताब जीता था।

सानिया टेनिस की दुनिया में पहली भारतीय महिला खिलाड़ी है। जिनकी सिंगल में रैंकिंग 27 थी और डबल में 18।
 
2005 में सानिया पहली ऐसी महिला थी, जिन्होंने डब्लयूटीए खिताब जीता था।

2006 में सानिया ने दोहा एशियन खेलों में महिलाओं की कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता था।

2006 में सानिया को पद्मश्रीके खिताब से नवाज गया था।
 
सानिया का कहना है कि टेनिस ने मुझे नाम और शोहरत दी है और अब मैं इसे लौटाना चाहती हूं।

सानिया उद्योगपति सोहराब मिर्जा से जल्द ही विवाह करने जा रही है।                 

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