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नीतीश ने दिखाये लोगों को सपने

ब्रेक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विकास यात्रा शुरू हुई तो सपनों की बाढ़ लग गई। शनिवार को औरंगाबाद से शुरू हुई इस यात्रा में मुख्यमंत्री ने लोगों को जमकर सपने दिखाये, मजबूत और खुशहाल बिहार का सपना। समृद्ध और शिक्षित बिहार का सपना। लेकिन मुख्यमंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि ये सपने तभी पूरे होंगे जब बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलेगा। इसके लिए लड़ाई वे शुरू कर चुके हैं। जनता को अब इसके लिए मोर्चा बांधना है। उन्होंने इस मांग का मजाक उड़ाने वालों को चेताया, जो इस मांग के लिए हमारा मजाक उड़ायेंगे, जनता उनका मजक उड़ा देगी। लोग भी मानो मुख्यमंत्री के सपनों की उड़ान में बहे जा रहे थे। जब भी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की बात आती तो लोग जमकर ताली बजाते। देह जला देने वाली चिलचिलाती धूप और झुलसा देने वाले गर्म हवा की थपेड़ों के बावजूद लोग विशेष राज्य के सपने में गोते लगाते रहे।


मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि वे राज्य की सारी रिक्तियों  को भरने का अभियान चला रहे हैं। लेकिन सूबे के सभी खाली पद भर भी जाएं तो भी इस राज्य से बेरोजगारी दूर नहीं होगी। बेरोजगारी दूर करने के लिए यहां निजी पूंजीनिवेश चाहिए। निजी पूंजीनिवेश तब होगा जब टैक्स में छूट मिलेगी और टैक्स में छूट मिलने के लिए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना जरूरी है। बिहार में माहौल बदलने के बाद लोग यहां पैसा लगाने के लिए तैयार हैं। अगर बिहार में निजी पूंजीनिवेश हो जाए तो लोग दांतों तले अंगुली दबायेंगे कि क्या यह वही बिहार है? विशेष राज्य का दज्र मिलेगा तो बिजलीघरों के लिए पूरा कोयला मिलेगा और औद्योगीकरण की बाधा समाप्त होगी। बीपीएल के मसले का समाधान इसके बाद हो जाएगा।

उन्होंने लोगों से बताया कि लोकसभा के चुनाव की मतगणना के पहले उन्होंने कहा था कि बिहार के सभी दलों को चाहिए कि वे तय कर लें कि उनका समर्थन उसे ही मिलेगा जो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देगा। तब कांग्रेस ने इसका समर्थन किया था और अब केन्द्र में सरकार बना लेने के बाद कांग्रेस को इस मांग से पीछे नहीं हटना चाहिए। यदि कांग्रेस को केन्द्र में सरकार बनाने का जनादेश मिला है तो उसे बिहार के लोगों के जनादेश की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। बिहार की जनता ने भाजपा और जद यू के काम के पक्ष में जनादेश दिया है। आजदी के आन्दोलन में बिहार का जबर्दस्त योगदान रहा है। इसके बावजूद आजदी के बाद से ही बिहार की उपेक्षा होती रही है।


उन्होंने कहा कि बिहार जो काम करता है उसका अनुकरण पूरा देश करता है। हमलोगों ने अक्षर आंचल योजना शुरू की और अब केन्द्र सरकार इसे शुरू कर रही है। हमने पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण दिया और अब पूरे देश में इसका पालन हो रहा है, अच्छी बात है। बिहार में साढ़े तीन वर्षो के शासन का यही फर्क है। जिसे यह नजर नहीं आता वह राज्य सरकार के स्वास्थ्य शिविरों में जकर अपनी आंखों की जांच करवा ले। उन्होंने औरंगाबाद के लोगों को धन्यवाद दिया कि उन्होंने लोकसभा के चुनाव को जद यू प्रत्याशी को विजयी बनाकर उनकी लाज रख ली।

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