class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

विज्ञापनों की मार से बचाओ!

टीवी के प्रत्येक चैनल पर आने वाले कार्यक्रमों के अपने प्रचार के माध्यम होते हैं। कार्यक्रम का समय कम और विज्ञापनों का समय अधिक होता है। कई विज्ञापन तो पांच-पांच साल पुराने हो चुके हैं। आने वाले रविवार की फिल्म के साथ जुड़े विज्ञापन दिन में दस बार दिखाए जते हैं। बार-बार एक ही वस्तु का विज्ञापन देखकर दिमाग भन्ना सा जता है। सरकार को प्रत्येक चैनल पर आने वाले विज्ञापनों की समय सीमा निर्धारित करनी चाहिए तथा प्रत्येक विज्ञापन की आयु भी तय होनी चाहिए। 
ब्रज मोहन, पश्चिम विहार, नई दिल्ली

भारत का अटूट अंग

महाभारत काल में धृतराष्ट्र की पत्नी गांधारी अफगान की थी। चंद्रगुप्त मौर्य ने यूनानी सेनापति सैल्यूकस की पुत्री हेलन से शादी की थी। अकबर ने भी राजपूतों से विवाह संबंध स्थापित कर मुगल राज्य की जड़ें गहरी की थी।  इन दिनों नेशनल कांफ्रेंस के लीडर फारुक अब्दुल्ला, उनके दामाद सचिन पायलट एवं उमर अब्दुल्ला के चित्र मंत्रिमंडल गठन के अवसर पर सभी प्रमुख दैनिकों में प्रकाशित हुए हैं। अधिकांश लोग इसे राजनीति में व्याप्त वंशवाद से जोड़ते हैं। किंतु मैं इससे भारत की धर्मनिरपेक्षता और एकजुटता के परिप्रेक्ष्य में रेखांकित करता हूं। यदि जम्मू-कश्मीर के मूल निवासियों और शेष भारत में इस प्रकार के विवाह संबंध हों तो देश में एकात्मता बढ़ेगा।
ठाकुर सोहन सिंह भदौरिया, बीकानेर

हाउस टैक्स माफ हो

दिल्ली में रहने वाले 50 गज तक के मकानों का हाउस टैक्स माफ था, जिनकी संख्या लाखों की तादाद में है। यह पिछले 60 साल से माफ था, मगर इसे पिछले तीन-चार साल से फिर लागू कर दिया गया है। जिसके कारण दिल्ली में रहने वाले लाखों निवासियों की कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। 50 गज तक के मालिक ज्यादातर गरीबी रेखा के नीचे के हैं। हमारी प्रार्थना है कि 50 गज तक के मकानों का हाउस टैक्स माफ किए जएं।
इन्द्रजीत, तिलक नगर, नई दिल्ली

ठहर कर सोचो जरा

बिहार में एक रेल का स्टॉप बंद करने को लेकर असामाजिक तत्वों ने दो रेलों को आग के हवाले कर दिया। अपने घर का एक शीशा टूटने पर उसे दोबारा लगवाने के लिए आदमी महीनों सोचता है, लेकिन करोड़ों की सम्पत्ति को सरकारी कहकर उसे नष्ट करने में हम चन्द क्षणों का समय ही लगाते हैं। आज जरूरत यह है कि हमइस पर रुक कर सोचें।
इन्द्र सिंह धिगान, किंग्जवे कैम्प, दिल्ली

बजट सरल हो

आयकर रिटर्न प्रणाली सरल हो, नियमावली छोटी हो। टीडीएस प्रणाली बैंक ब्याज पर समाप्त हो। कर छूट की धाराएं कम होकर मुक्त छूट न्यूनतम राशि दो लाख, ढाई लाख व तीन लाख क्रमश: साधारण महिलाएं-बुजुर्गो को छूट मिले। आयकर रिटर्न फार्म अत्यंत सरल हो।
हरिओम मित्तल, गुड़गांव

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:विज्ञापनों की मार से बचाओ!