class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अनाज वितरण में गड़बडी,35 किलो की जगह दस से 15 किलो ही मिल रहा है अनाज

झारखंड की सभी आदिम जनजतियों को न तो अंत्योदय कार्ड मिल पाया है और नहीं उनके लिए चलायी जा रही योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है। उन्हें 35 किलो की जगह दस से 15 किलो ही अनाज दिया ज रहा है। चतरा, सिंहभूम, संथाल परगना, लातेहार, गोड्डा, पलामू और लातेहार में विभिन्न स्वयंसेवी संगठनो के सव्रेक्षण में खुलासा हुआ कि कई जनजातियों को अब तक अंत्योदय कार्ड नहीं मिला है। इसकी जानकारी स्वयंसेवी संगठनों ने जन वितरण शिकायत आयोग और खाद्य आपूíत सचिव को दी है।

सुप्रीम कोर्ट आयुक्त के राज्य सलाहकार बलराम का कहना है कि जिनके पास राशन कार्ड है, उन्हें भी अनाज नहीं मिल रहा है। अनाज पहुंच को रहा है, लेकिन वितरण का कोई इंतजम नहीं है। डीलर कमीशन नहीं मिलने से वे भी रुचि नहीं ले रहे। कमजोर नीति के कारण चोरी को बढ़ावा मिल रहा है। जहां लोगों को 35 किलो मुफ्त अनाज देने की बात थी, वहीं 15 से 20 किलो अनाज कम मिल रहा है।

मुख्य सचिव के निर्देश पर कल्याण, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और पीडीएस सचिव द्वारा भेजी गयी रिपोर्ट में भी अंत्योदय योजना कवर नहीं होने की बात कही गयी है। राज्यपाल के निर्देश पर मई 2009 में सभी आदिम जनजति को मुफ्त में 35 किलो अनाज देने की योजना लागू की गयी, पर समुचित योजना के अभाव में उन्हें इसका लाभ नहीं मिल रहा है। राज्य में 44 हजर आदिम जनजति परिवार हैं। इनमें नौ ग्रुप लुप्तप्राय हैं और 90 प्रतिशत कुपोषित हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:आदिम जनजतियों को नहीं मिला अंत्योदय कार्ड