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प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से मिला छात्रों का प्रतिनिधिमंडल

ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय और गुरुकुल कांगड़ी आयुर्वेदिक महाविद्यालय के सत्र 2008 के आन्दोलनरत छात्रों ने मान्यता दिए जाने को लेकर गुरुकुल कांगड़ी महाविद्यालय परिसर में धरना दिया। वहीं छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विद्यार्थी परिषद के नेताओं के साथ शासन के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से मिलकर छात्रों के हित में सत्र को मान्यता दिए जाने की मांग की।

सत्र 2008 में प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में प्रवेश पाए छात्रों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। छात्र आन्दोलन की तपिश राजधानी देहरादून तक पहुंच गई है। दोनों महाविद्यालयों की मान्यता को लेकर डीन आयुव्रेद संकाय, दोनों महाविद्यालयों के प्राचार्य और निदेशक आयुर्वेद एवं यूनानी सेवाओं पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को विद्यार्थी परिषद के विभाग संयोजक के नेतृत्व में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य केशवदेसी राजू से मुलाकात की।

छात्रों ने सत्र को मान्यता दिए जने के साथ-साथ प्रदेश के निजी महाविद्यालयों को मिली मान्यता और उसमें प्रदेश के आयुर्वेद विभाग के अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने दोनों महाविद्यालयों के लगभग 100 छात्रों का हित देखते हुए कोई न कोई समाधान निकालने का आश्वासन दिया। वार्ता के दौरान सत्र 2008 के छात्रों को वर्ष 2009 में विशेष बैच के तहत अध्ययन कराने की अनुमति देने पर चर्चा हुई।

ऐसा तभी संभव हो सकेगा, जब हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय इसके लिए समय रहते अनुमति दे दे, लेकिन सत्र 2008 के छात्र इसके लिए तैयार नहीं हैं। दूसरी ओर ऋषिकुल और गुरुकुल के आन्दोलित छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन जारी रखा।

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  • Web Title:आयुर्वेद छात्र आन्दोलन की तपिश राजधानी पहुंची