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हर श्रेणी की दवाओं की जांच शुरू होगी

अब छापेमारी के दौरान जब्त दवाओं को टेस्ट करने के लिए कोलकाता स्थित लैबोरेटरी में भेजने की जरूरत नहीं रह गई है। अब प्रदेश के रुद्रपुर में ही हर श्रेणी की दवा की जांच करना संभव हो गया है। पिछले एक महीने से रुद्रपुर की ड्रग लैबोरेटरी ने काम करना शुरु कर दिया है। हालांकि लैब में अभी तय मानक के मुकाबले मानव संसाधन काफी कम है। फिलहाल वहां पर तीन लोगों की मानव संसाधन ही कार्यरत है। खाली पद उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा भरे जएंगे।

राज्य औषधि नियंत्रक डीडी उप्रेती ने बताया कि रुद्रपुर में स्थापित लैबरोटरी में दवाओं की जांच की जा रही है। पहले वहां पर सीमित ढंग से दवाओं की जांच हो रही थी लेकिन अब सभी तरह की दवाएं टेस्ट हो रही है। सामान्य से लेकर अत्यंत संवेदनशील दवाओं को जांचने की व्यवस्था होने से विभाग को बहुत लाभ मिल रहा है। अब बहुत कम समय में जांच को भेजे जने वाली दवाओं की जनकारी मिल जाती है।

श्रेणी उप्रेती का कहना है कि पहले टेस्टिंग के लिए दवाएं कोलकाता स्थित लैबोरेटरी में भेजी जाती थी। वहां छह महीने से लेकर एक साल तक का वक्त लग जता था। इसलिए दवाओं की गुणवत्ता पता लगाने में बहुत वक्त लगना विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित होता था।

विभाग को कड़ी कार्रवाई करने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता था। फिर खुद की लैबोरेटरी न होने से तमाम व्यवस्थाजनक व प्रशासनिक दिक्कतें आती रही हैं। ड्रग इंस्पेक्टर एसएस भंडारी का कहना है कि अब प्रतिबंधित दवाओं का पता लगाना काफी आसान हो गया है। पहले जिस काम में एक साल लगता था वह अब एक माह से भी कम समय में पूरा हो जएगा।

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  • Web Title:ड्रग टेस्टिंग अब प्रदेश की अपनी लैब में