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शहर को नहीं मिलेगी जलभराव से निजात

शनिवार रात बरसात से शहर में जगह-जगह पानी भर गया। जलभराव की वजह से कई जगह यातायात की रफ्तार धीमी हुई। दरअसल, जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए हर साल की तरह नगर निगम के दावे इस बार भी खोखले साबित होंगे। पूरा साल गुजर गया। पानी निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। यानी मानसून में बरसाती पानी से पैदा होनी वाली समस्याओं का सामना शहर को फिर करना होगा। लोगों के गुस्से से बचने के लिए निगम के सयाने अधिकारी लोकसभा चुनाव को लेकर लागू आचार संहिता को ढाल बनाते रहे। जबकि आर्थिक तंगी के चलते जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्यूवल मिशन के तहत मिलने वाली मैचिंग ग्रांट के लिए पैसे न जुटा पाना भी इसकी एक वजह है।


पानी निकासी के लिए नगर निगम ने करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से 10 नाले बनाने की योजना तैयार की थी। समय से इस पर काम शुरू नहीं हुआ। जुलाई से मानसून शुरू हो जएगा। इसमें एक महीना बाकी है लेकिन तैयारी नहीं के बराबर है। वसे भी सरकार ने मानसून के दौरान बड़े प्रोजेक्टों के शुरू करने पर पाबंदी लगाई हुई है। यानी लोगों को फिर मानसून में जलभराव की समस्या से जूझना पड़ सकता है। शहर के सेक्टर-4, 6, 7, 8, 9, बीके चौक, जनता कॉलोनी, सेक्टर-16 की मार्केट, जवाहर कॉलोनी, डबुआ कॉलोनी, एसजीएम नगर, सभागार चौक, एनआईटी-नंबर 1, 2, 3, 4, 5, सेक्टर-21ए, सेक्टर-29 आदि की स्थिति बरसातों में बदतर होती है।
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जलभराव की वजह
-बढ़ती आबादी, गंदगी, अतिक्रमण के चलते नाले छोटे पड़ गए
-मशीन चलाने के लिए जगह न होने से एसी नगर के नाले की सफाई नहीं हो पाती
-नीचले क्षेत्रों में पानी निकासी के लिए निगम के पास संसाधनों का अभाव
-पुराने पंपों के सहारे निगम व्यवस्था कायम करने का प्रयास करता है
-प्री मानसून तैयारी सही ढंग से नहीं हो पाती हैं
-बढ़ती आबादी के लिहाज से सीवरेज लाइन छोटी पड़ रही हैं
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यहां बनेंगे नाले
-सेक्टर-4-7 का डिवाइडिंग रोड
-सेक्टर-7-8 का डिवाइडिंग रोड
-सेक्टर-6-7 का डिवाइडिंग रोड
-नीलम से बाटा रोड
-एनआईटी नंबर तीन में चिमनीबाई धर्मशाल से पंचकुइयां रोड
-बल्लभगढ़ में सिटी पार्क नाले की मरम्मत करवाई जएगी
-आगरा कैनाल के साथ निगम एक डिस्पोजल बनाएगा
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अधिकारी कहिन

नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनके कटारा का कहना है कि आचार संहिता लागू होने से इन नालों का निर्माण नहीं हो सका। मानसून से पहले बरसाती नालों की सफाई करवाई जाएगी। ताकि जलभराव की समस्या से लोगों को निजात मिल सके। आचार संहिता हटने के बाद नालों का निर्माण शुरू करवा दिया जएगा। सेक्टर 6, 7, 8 क्षेत्र को प्राथमिकता पर लिया जाएगा। चिमनीबाई धर्मशाला से पंचकुइयां रोड पर भी जल्द नाले का निर्माण होगा। एक्सईएन एमसी मेहता का कहना है कि बायोमेट्रिक सव्रे पूरा होने के बाद एसी नगर खाली हो जाएगा। इसकी आबादी को जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्यूवल मिशन के तहत डबुआ व बापू नगर में बनी कालोनी में भेज दिया जाएगा। इसके बाद एसी नगर के पुराने नाले की सफाई सही ढंग से हो पाएगी।

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