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दो घंटे बाद पहुंची पुलिस, देर शाम की गई अंत्येष्टि

अस्सी पर नमकीन-पट्टी बेचने वाले कृष्णा लाल गुप्ता (26) ने दुकान में ही फांसी लगा ली। शुक्रवार की सुबह सूचना के करीब दो घंटे बाद पहुंची पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। खुशमिजज कृष्ण की मौत परिवार के लिए तो दु:खद है ही, क्षेत्रीय दुकानदार भी सकते में है। खोजवां स्थित आवास पर कोहराम मचा था। मां की आखें रोते-रोते पथरा गयीं थी। चाचा बनारसी ने बताया कि गुरुवार की शाम जब मैं दुकान पर आया तो, कृष्णा ने कहा कि पार्टी में जाना है, देर से घर आएगा। उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि कृष्णा ने फांसी क्यों लगाई?

शुक्रवार की सुबह दुकान के बाहर कृष्णा की साइकिल खड़ी थी। प्लास्टिक का पर्दा गिरा था। आसपास के दुकानदारों ने सोचा कि नहाने गंगाजी गया होगा। इसी बीच पास के दुकान पर कार्य करने वाले बालक गंगा ने पर्दा हटाया तो दिलीप, अच्च आदि ने देखा कि दुकान का पल्ला बंद है, पर खुले ताले में ताली का गुच्छा लगा है। दिलीप ने पल्ला खोला तो देखा पंखे के हुक के सहारे सफेद गमछे से कृष्णा की लाश लटक रही थी।

आसपास के दुकानदारों ने बताया कि शादी के पहले कृष्णा अक्सर दुकान पर ही सो जता था। कल रात भी हैंडपंप से पानी पीया था। छह महीने पहले ही अस्सी चौराहे के करीब किराए पर दुकान ली थी। जनकारी के अनुसार महज एक वर्ष पहले आरा (बिहार) की रिंकू से कृष्णा की शादी हुई थी। पत्नी हाईस्कूल की परीक्षा देने मायके गई थी, सावन में पत्नी की विदाई होनी थी। देरशाम हरिश्चन्द्र घाट पर पिता लक्ष्मण प्रसाद ने बेटे की लाश को मुखाग्नि दी।

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  • Web Title:दुकान में ही लगा ली फांसी