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सड़कें बनाने में पिछड़ा पीडब्लूडी, डीएम सख्त

करोड़ों रुपये का बजट भेजे जाने के बाद भी शहरीय क्षेत्रों में भी हाल खराब दिखाई दे रही है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? दरअसल, पीडब्लूडी के अफसर अपने काम में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। इससे सड़कों का निर्माण अधर में लटका है।


गाजियाबाद के शहरीय इलाकों में 51.75 किमी सड़कों का निर्माण होना था मगर अभी तक 14.02 किमी ही सड़कें बनाई जा सकीं। समीक्षा में इसे लेकर डीएम ने पीडब्लूडी अफसरों की जमकर क्लास ली और सड़कों का तेजी से निर्माण कराने की हिदायत दी।


समीक्षा बैठक में सीडीओ हरिकांत त्रिपाठी ने बताया कि 2009-2010 में विकास कार्यो के लिए शासन से 90 करोड़ 3 लाख 85 हजर रुपये की धनराशि मांगी है। इसमें से 31 मई तक 3 करोड़ 52 लाख से अधिक धन मिल भी चुका है। डीएम ने अफसरों से कहा कि जो पैसा रिलीज किया जा चुका है, उसे जल्द विकास कार्यो में खर्च किया जाए और काम की गुणवत्ता भी ठीक रहे। आवास विकास, बिजली, हैल्थ की भी गहराई से समीक्षा की।


डीएम ने कहा कि यदि कोई डाक्टर या कर्मचारी अस्पताल से गायब मिला तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। 15 जून तक विद्युतीकरण से बाकी बचे 19 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में यह काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए। गरीबों के लिए कांशीराम योजना के आवासों को जल्द तैयार कर लें। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने बाद में राजस्व कार्यो की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाया जाए। इस दौरान एडीएम प्रशासन सतीश कुमार, एडीएम सिटी सुनील श्रीवास्तव, एडीएम फाइनेंस सर्वजीत राम, डीडीओ वाईके उपाध्याय, परियोजना निदेशक एसके मिश्रा आदि अफसर प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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