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कोयला संयंत्र की राह के कांटों से परेशान सरकार की पहल, लगेंगे अपारम्परिक स्रोतों के बिजलीघर

कोयला आधारित बिजलीघरों के निर्माण की राह में कांटों से परेशान नीतीश सरकार ने अपारम्परिक स्रोतों से बिजली पाने की योजना बनाई है। इसके लिए गैर पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों के संयंत्र को बढ़ावा देने की कार्ययोजना पर काम शुरू हो गया है। इसके तहत गैर पारम्परिक स्रोतों से बिजली पैदा करने वाले पावर प्लांट को सब्सिडी दी जाएगी। यही नहीं उन्हें टैक्स में भी छूट मिलेगी। अबतक कैपटिव पावर जेनरेशन या डीजल जेनरेटिंग सेट पर ही सब्सिडी का प्रावधान था।

राज्य सरकार ने इसके लिए औद्योगिक नीति, 2006 में संशोधन के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही लघु एवं मध्यम प्रक्षेत्र में पावर सब्सिडी प्रोत्साहन राशि 50 पैसे प्रति यूनिट की दर से और वृहद प्रक्षेत्र में 25 पैसे प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध होगा। बताया जाता है कि इस प्रस्ताव पर सारी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और सरकार की सिर्फ मुहर लगनी बाकी है।

राज्य सरकार के ताजा निर्णय के अनुसार औद्योगिक नीति 2006 लागू होने के बाद जो इकाइयां लगेंगी उन्हें इस छूट का लाभ मिलेगा। साथ ही  पूर्व से चालू ऐसे कैपटिव पावर प्लांट जो 1 अप्रैल 2006 के पहले की हैं लेकिन औद्योगिक नीति 2006 के बाद लगाई गई हैं तो उन्हें भी इस छूट का फायदा होगा।

सरकार ने उद्यमियों को सुविधा देने के लिए इस नियम को और लोचदार बनाया है। इस छूट के तहत बिजली बोर्ड द्वारा शुल्क में छूट का लाभ जून 2007 से दिया जा रहा है। ऐसे में 1 अप्रैल 2006 से मई 2007 की अवधि में वसूल की गई राशि को लौटाया जाएगा या फिर उन्हें सामायोजित किया जाएगा।

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  • Web Title:सरकार देगी सब्सिडी, टैक्स में भी छूट