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होटलों के लिए एफएआर होगा दोगुना

आर्थिक मंदी से जूझ रही ग्रेटर नोएडा अथारिटी होटलों के लिए एफएआर प्लोरिंग एरिया रेस्यो करीब दोगुना करने जा रही है। बिल्डर्स व ग्रुप हाउसिंग व कर्मशियल प्लाटों का एफएआर भी बढ़ाया जा रहा है। अफसर इन फैसलों को अथॉरिटी के हित में करार दे रहे हैं, पर दूसरी ओर शहर के जानकार लोग इसे पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करार दे रहे हैं। यमुना एक्सप्रेस वे पर दलित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास भी ग्रीन बैल्ट के लिए आरक्षित जमीन में बनाये जायेंगे।


विश्व पर्यावरण पर दुनिया भर में जहां पर्यावरण संरक्षण की बात हो रही है, वहीं ग्रेटर नोएडा में शहर में अधिक से अधिक निवेशकों को आकर्षित करने पर जोर दिया जा रहा है। चाहे इसके लिए योजनाओं के प्रारूप और शहर के मास्टर प्लान में ही बदलाव क्यों न कराना पड़े। हाल ही में 78वीं बोर्ड बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में चेयरमैन ललित श्रीवास्तव ने कहा था कि वे कुछ योजनाओं में एफएआर बढ़ाये जाने पर विचार कर रहे हैं और इसके लिए बाकायदा एक समिति बनायी गयी है जो प्रस्ताव पर अपनी राय देगी। सूत्रों का कहना है होटल स्कीम में एफएआर 215 से बढ़ाकर 400 प्रतिशत किया जा रहा है। सेक्टर के भीतर स्थित मार्केट में 120 से बढ़ाकर 200 और कामर्शियल बैल्ट में 150 से 300 किया जा रहा है।

हालांकि  अभी किसी अफसर ने इसकी पुष्टि नहीं की है। दरअसल होटल प्लाट बेचना अथॉरिटी के लिए चुनौती बना हुआ था, काफी जद्दोजहद के बाद भी स्कीम के आधे प्लाट बेचे नहीं जा सके थे। उधर कांशीराम योजना के तहत बनाये जाने वाले छात्रावास अब सेक्टर फाई चाई में बनाये जायेंगे। पहले उक्त क्षेत्र ग्रीन बैल्ट के लिए आरक्षित था।

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