class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पर्यटन सागर की लहरों पर

पर्यटन सागर की लहरों पर

एडवेंचर की बात करें तो समुद्र पर्यटन के कई आयाम हो सकते हैं, लेकिन सैर-सपाटा और मौज-मस्ती की बात आती है तो समुद्र पर्यटन का एक आयाम हमें खासा आकर्षित करता है। इसमें क्रूज टूरिज्म प्रमुख है। भले ही हमारे देश के किसी बंदरगाह से आज कोई क्रूज नहीं चलता, लेकिन फिर भी भारतीयों में क्रूज हॉलिडे का शौक निरन्तर बढ़ रहा है। यही कारण है कि समुद्री लहरों पर मौज-मस्ती का इस शौक को आज विदेश यात्रा से जोड़ना पड़ता है। दक्षिण पूर्व एशिया, यूरोप, अमरीका और कनाडा के बंदरगाहों के अलावा कई ऐसे देश हैं, जहां से अनेक अंतर्राष्ट्रीय क्रूज लाइनर सैलानियों को लेकर एक आलीशान यात्रा पर निकलते हैं। यह क्रूज लाइनर एक तैरते हुए फाइव स्टार होटल के समान होते हैं, जिनमें पर्यटकों की आवश्यकता का हर साजो-सामान मौजूद होता है। क्रूज पर कदम रखते ही लगता है मानो किसी अलग दुनिया में आ गये हों। भीड़-भाड़ भरी शहरी जिंदगी से परे क्रूज पर सैलानी कुछ दिन के लिए अपनी रोजमर्रा की दुनिया से कट से जाते हैं और सुकून और शांति के दिन बिता कर वापस लौटते हैं। शायद इसीलिए सैलानियों को पर्यटन का यह अंदाज पसंद आता जा रहा है।
   
दरअसल विदेश यात्रा का शौक बढ़ने के साथ ही पर्यटकों को रिझाने के लिए उसके साथ क्रूज यात्रा जैसे नये आयाम जुड़ने लगे। दूसरी ओर पश्चिमी देशों में क्रूज हॉलिडे का शौक काफी समय से लोगों पर छाया हुआ है, जो भारतीयों को भी आकर्षित करता रहा है। अब जब भारत के मध्यमवर्ग के रूप में विश्व पर्यटन उद्योग को एक विशाल बाजार नजर आ रहा है तो क्रूज लाइनर कम्पनियां उन्हें आकर्षित करने से पीछे कैसे रह सकती हैं। तभी तो आज पत्र-पत्रिकाओं में पर्यटन परिशिष्ट के साथ आने वाले विज्ञापनों में क्रूज हॉलिडे के विज्ञापन खूब आने लगे हैं। विश्व की अनेक कम्पनियां भारतीयों को नये नये क्रूज पैकेज ऑफर कर रही हैं। यही नहीं, उनके साथ पर्यटकों को कई तरह की छूट भी दी जा रही हैं। 

 
     हमारे देश में क्रूज यात्रियों को मोटे तौर पर आज दो वर्गो में देखा जा सकता है। एक ओर बजट टूरिस्ट है, जो प्राय: दक्षिण एशिया के देशों की यात्रा के साथ एक से तीन दिन तक के क्रूज पैकेज जोड़ लेते हैं। दूसरी ओर वह सैलानी हैं, जो पश्चिमी देशों की यात्रा के साथ क्रूज यात्रा करने में सक्षम हैं। इन दोनों ही वर्गो के लिए विश्व की अनेक बड़ी क्रूज लाइनर कम्पनियां नये क्रूज रूट प्रस्तुत करती रहती हैं। आज हर स्तर के सैलानी के सामने अपनी सुविधा और बजट के अनुरूप क्रूज हॉलिडे के विकल्प मौजूद हैं। मलेशिया, सिंगापुर, हांगकांग या थाईलैंड की तीन-चार दिवसीय यात्रा के साथ क्रूज की सैर का मूड हो तो स्टार क्रूज लाइनर के क्रूज  इन देशों के बंदरगाहों से चलते हैं। इस तरह दो देशों की यात्रा के साथ क्रूज यात्रा का आनंद भी लिया जा सकता है। स्टार क्रूज के क्रूज लाइनर भारतीय पर्यटकों की आवश्यकताओं के अनुरूप अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। खासकर भारतीय भोजन के मामले में पर्यटकों को कोई परेशानी नहीं होती।


पश्चिमी क्रूज मार्गो पर चलने वाले क्रूज की बुकिंग भी हमारे देश के टूर ऑपरेटरों द्वारा की जाती है। यह टूर थोड़े महंगे पड़ते हैं, क्योंकि इनके लिए यूरोप के किसी देश या अमेरिका की यात्रा करनी होती है। इसलिए यह टूर प्राय उच्च मध्यमवर्ग या धनाड्य वर्ग द्वारा किये जाते हैं। लेकिन इन क्रूज रूट्स पर भी भारतीयों की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है। रॉयल केरेबियन इंटरनेशनल सैलानियों को मेडिटेरियन, वेस्टर्न केरेबियन और अलास्का के रूट्स पर लेकर निकलते हैं। यह टूर बारसीलोना, स्पेन और अमेरिका के मियामी और सियेटल बंदरगाहों से चलते हैं।
एम एस सी क्रूजेज बारसीलोना और कोपनहेगन से प्रस्थान करते हैं। इनके क्रूज स्पेन, फ्रांस, इटली, ग्रीस और नॉर्वे आदि की यात्रा कराते है। इस यात्रा में जहाजों पर भारतीय शाकाहारी भोजन भी उपलब्ध होता है। एक और क्रूजलाइन भारतीयों को आकर्षित कर रही है। हॉलैंड-अमेरिका लाइन के क्रूज भी मेडिटेरियन रूट, केरेबियन रूट और अलास्का के शानदार रूट्स पर चलते हैं। वैसे पूरे विश्व में आज 35 क्रूज लाइनर कम्पनियों के सैंकड़ों जलयान सैलानियों को समुद्री लहरों पर सैर सपाटा करा रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में अलग रूट्स पर क्रूजिंग का उपयुक्त मौसम भी अलग होता है। क्रूज रूट चुनते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है। समुद्री यात्रा के लिए ट्रांस अटलांटिक क्रॉसिंग, मेक्सिको, बहामाज, हवाई और पनामा केनाल आदि रूट भी काफी प्रसिद्घ हैं। 


 इस तरह के टूर बुक कराते समय यह जानना आवश्यक है कि इनकी कीमतों में क्रूज के प्रस्थान करने वाले देश तक का हवाई किराया और क्रूज कीमतों के साथ देय टैक्स आदि शामिल हैं या नहीं। टूर ऑपरेटर से इनकी जानकारी के बाद ही सैलानी अपनी यात्रा की सही कीमत आंक पाते हैं। बुकिंग कराते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि आप बालकनी केबिन, ओशियन व्यू केबिन या इनसाइड केबिन में से कौन सा चुनना चाहेंगे, क्योंकि पैकेज की कीमत इनके अनुसार अलग-अलग होती है। इसके अलावा 45 दिन से 60 दिन पूर्व बुकिंग कराने पर अधिकतर कम्पनियां 20 प्रतिशत तक की छूट भी देती हैं। यह बात ध्यान देने की है कि किसी भी पोर्ट ऑफ कॉल पर साइटसीइंग के लिए अलग से व्यय करना होता है। बहरहाल क्रूज हॉलिडे फैमिली हॉलिडे का एक शानदार माध्यम है। हनीमूनर्स के लिए भी यह किसी ड्रीम वेकेशन से कम नही।

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:पर्यटन सागर की लहरों पर