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स्वीमिंग पूलों की जांच में पाई कई कमियां

स्वीमिंग पूलों पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन के आदेशानुसार जांच का काम गुरुवार से शुरू कर दिया गया। पहले दिन तीन स्वीमिंग पूलों की जांच की गई। प्रशासन के नोटिस के बावजूद इनपर सुरक्षा इंतजाम संबंधी कई कमियां पाई गई। तीनों पूल संचालक स्टाफ संबधी प्रमाणा पत्र भी जांच टीम के सामने पेश नहीं कर सके।
स्वीमिंग पूलों की जांच के लिए गठित टीम में शामिल जिला खेल अधिकारी आईपीएस लांबा, स्वीमिंग कोच गुड़गांव जगबीर सिंह और अशोक सैनी ने सेक्टर-12 खेल परिसर स्थिति स्वीमिंग पूल से जांच शुरू की। इंडियन एक्वेटिक एकेडमी द्वारा चलाए जा रहे इस पूल में सुरक्षा उपकरण पर्याप्त पाए गए। लेकिन लाइफ गार्ड और स्वीमिंग कोच के प्रमाण पत्र पूल संचालकों के पास नहीं थे।

इस पर टीम ने पूल संचालकों को फटकारा। प्रशासनिक नोटिस के बावजूद ऐसा न करने पर टीम ने सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी। सेक्टर-17 मॉर्डन स्कूल के स्वीमिंग पूल की जंच की गई। इसमें कई कमियां पाई गईं। पूल पर इमरजेंसी नंबर्स का बोर्ड नहीं लगा था। पूल में बरती जाने वाली सावधानियों का बोर्ड भी नहीं था। पूल पर मौजूद लाइफ गार्ड और कोच का प्रमाण पत्र स्कूल नहीं पेश कर पाया। डॉक्टर का सर्टिफिकेट भी स्कूल के पास नहीं था। इसको लेकर टीम ने स्कूल प्रबंधन के लोगों को झाड़ लगाई। इसके अलावा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम स्थित डीसीए स्वीमिंग पूल की जांच की गई।

इसमें भी यही कमियां पाई गयी। जांच टीम ने शुक्रवार तक इन्हें कमियों को दूर करने और जरूरी प्रमाण पत्र पेश करने के आदेश दिए हैं। जिला खेल अधिकारी आईपीएस लांबा ने बताया कि चेतावनी देने पर भी शुक्रवार तक तीनों पूल संचालकर कमियों को दूर नहीं कर पाए तो प्रशासन के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी। दूसरे पूलों की जांच का काम भी शुक्रवार को किया जाएगा।

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