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आईएमटी के बसने पर उठे सवाल

सरकार की गुड़गांव की तर्ज पर फरीदाबाद में इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप  बसाने की योजना क्या सिरे नहीं चढ़ पाएगी ? एक बड़ी दोपहिया कंपनी की बातों पर यकीन करें तो आईएमटी के लिए यहां जो जमीन सुरक्षित की गई है वहां मदर यूनिट के काबिल नहीं। इस खामी के चलते ही इसने भी यहां अपनी मदर यूनिट लगाने का इरादा त्याग दिया।
गुड़गांव के आईएमटी में एक नहीं कई मदर यूनिटें हैं। इसलिए आज इस औद्योगिक क्षेत्र की पहचान जपान, अमेरिका सहित कई देशों में है। ऐसी औद्योगिक वातावरण बनाने के लिए सरकार ने फरीदाबाद में भी योजना तैयार की है। आईएमटी के लिए जमीन का अधिग्रहण कर उसे विकसित करने की करने की कार्रवाई भी शुरु कर दी गई है। फरीदाबाद के उद्यमियों की समझ है कि यहां उद्योग की दो-चार मदर यूनिटें आने से इस पिछड़े औद्योगिक शहर का पुराना रुतबा वापस आ जाएगा। लेकिन देश की नंबर एक दोपहिया कंपनी हीरो ग्रुप के चेयरमैन सुनील कुमार मुंजल के रहस्योद्घाटन से यहां के उद्यमियों की उम्मीदों एवं सरकार की योजना पर पानी फिर सकता है। गुरुवार को यहां एक कार्यक्रम में भाग लेने आए मुंजल ने बताया कि फरीदाबाद में आईएमटी के लिए जो 18 सौ एकड़ जमीन एक्वायर की गई है।

इसके नीचे कई गैस पाइप लाइनें दबी हैं। ऐसे में यहां मदर यूनिट बैठाना असंभव सा है।
एसएचआईआईडीसी के सीनियर मैनेजर एसके वर्मा ने भी माना कि आईएमटी के लिए सुरक्षित जमीन के नीचे अदानी व एनटीपीसी की एक-एक एवं इंडियन ऑयल कारपोरेशन की दो पाइप लाइनें दबी हैं। इस संबंध में एसएचआईआईडीसी के डीजीएम भागमल से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन उन्होंने अपना फोन नहीं उठाया। फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके जैन का कहना है मुंजल के इस रहस्योद्घटन के बाद सरकार से जमीन के विकल्प को लेकर बातचीत की जा जाएगी।

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