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कांग्रेस की जीत के कई कारण

प्रत्येक मतदाता मंदी व आतंकवाद से मुकाबले के लिए स्थायी सरकार चाहता था, जो उसकी समझ में कांग्रेस दे सकती थी। आम आदमी में मनमामेहन सिंह की सहज व ईमानदार छवि और युवाओं में राहुल की लोकप्रियता भी कांग्रेस की जीत का कारण रहे। बीजेपी के नकारात्मक प्रचार व अटल बिहारी वाजपेयी की अनुपस्थिति ने भी मतदाताओं का रुख ‘हाथ’ की ओर किया। कांग्रेस को भी अब जनआकांक्षाओं पर खरा उतरना होगा व देश के चहुंमुखी विकास के लिए तीव्र प्रयास करने होंगे।
युधिष्ठिरलाल कक्कड़, गुड़गांव, हरियाणा

ममता से सीखें

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो सुश्री ममता बनर्जी हाल ही के लोकसभा चुनाव में अपने विचार, सादगी व कामों में सबसे आगे और पैसे और प्रापर्टी में शायद सबसे पीछे हैं। वामपंथियों के पुराने मजबूत गढ़ में वह जिस तरह सामने आई हैं, निश्चय ही अन्य सभी के लिए प्रेरणा Þाोत है। इन सबको ममता बनर्जी से सादगी सीखने की सख्त जरूरत है।
वेद, मामूरपुर, नरेला, दिल्ली

पेड़ों की छांव में

हवामहल कॉलम में पेड़ों की छांव का उत्तम चित्रांकन किया गया है। अनवरत जीवन संघर्ष का ताप ङोलने वाले हिम्मती तबका इनसे बिल्कुल बेखौफ रहकर पेड़ों की कुदरती ठंडी छांव में बदस्तूर अपनी रोजी-रोटी कमा रहा है। ‘ऊंची दुकान, फीका पकवान’ को धता बताते हुए, इनके ठिकानों पर सभी वस्तुएं गरमा-गरम, ताज उपलब्ध होती हैं। धूप में तपते रिक्शे-ठेले, वाहन वालों को इन्हीं वृक्षों की छांव भाती है। और यदि यहां पर हैंडपंप लगा हो तो समझ लो कि मिनरल वाटर भी फेल।
राजेन्द्र कुमार सिंह, रोहिणी, दिल्ली

कब आएगी रातभर बिजली

रोहिणी में इन दिनों बिजली की आंख-मिचैली से लोग परेशान हैं। एक बार अगर बिजली चली जती है तो कई-कई घंटों तक उसके दर्शन नहीं होते। जब बिजली नहीं रहेगी तो पानी की भी किल्लत ङोलनी पड़ेगी। बिजली के अभाव में लोग रात में सो नहीं पाते हैं। जिन बच्चों की परीक्षाएं हैं, वे पढ़ाई नहीं कर पाते हैं।
रवीना थरेज, रोहिणी, दिल्ली

जनता माफ नहीं करती!

जिन्ना प्रकरण के बाद जिन लालकृष्ण आडवाणी को बीजेपी ने अपनी पार्टी के अध्यक्ष के योग्य भी नहीं समझ था, उन्हीं आडवाणी जी को प्रधानमंत्री के रूप में पेश करके भाजपा ने देश की जनता के साथ जो घटिया मजक किया था, देश की जनता ने चुनाव में उसका मुंहतोड़ जवाब दे दिया। सभी सव्रे अनुमान व एग्जिट पोल के आंकड़ों पर पानी फेरते हुए देश के मतदाताओं ने सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी में विश्वास प्रकट किया है। सोनिया व राहुल ने यह सिद्ध कर दिया है कि अपनी पारिवारिक विरासत की कुर्सी पर नहीं बैठे हैं, बल्कि जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा, राजीव गांधी के पदचिह्नें पर चलते हुए परिÞाम व शालीनता के साथ अपने कुल धर्म का पालन किया है।
अमरनाथ बब्बर, किशनगंज, दिल्ली

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