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आला अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई

राजधानी के विजय विहार इलाके में जलकर मरे आठ वर्षीय एक बच्चे के परिजनों ने उसे जलाने का आरोप लगाया है। बच्चे के पिता के मुताबिक पड़ोस में ही रहने वाले तीन किशोरों ने उसे जलाया है। ताज्जुब की बात तो यह है कि इस सनसनीखेज घटना की परिजनों द्वारा शिकायत किए जाने के बाद भी पुलिस ने एक सप्ताह तक इस संबंध में मामला दर्ज नहीं किया। स्थानीय लोगों के जरिये मामला जब जिला पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंचा तो जांच आरंभ की गई। पुलिस का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपी किशोरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

घटना विजय विहार इलाके में स्थित जे ब्लॉक की है। राजमिस्त्री का काम करने वाला रमानंद पत्नी रेखा व अपने तीन बच्चों के साथ पिछले करीब 10-12 साल से इलाके में रहता है। इलाके के एक सरकारी स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाला रमानंद का बीच का बेटा मनीष(8) गत 27 मई को घर की पिछली गली से चीखते हुए आ रहा था। आसपड़ोस के लोगों ने देखा कि वह जलते ही दौड़ते समय बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। रमानंद के मुताबिक उस वक्त घर में उसकी पत्नी रेखा थी। लोगों से मिली सूचना के बाद रेखा बाहर निकली। लोगों की मदद से आग को बुझाया गया और उसे अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर उसे सफदरजंग अस्पताल भेज दिया गया।


इलाज के दौरान मनीष ने दम तोड़ दिया। रमानंद का कहना है कि मरने से पहले उसने बताया था कि इलाके के ही तीन लड़कों ने उसपर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगाया था। पुलिस भी मौके पर पहुंची थी लेकिन इस संबंध में मामला दर्ज नहीं किया गया। पुलिस का तर्क यह भी है कि परिजनों ने कोई शिकायत नहीं की थी। शिकायत करने पर जांच आरंभ कर दी गई है। उधर रमानंद का कहना है कि वह पहले बच्चे का इलाज कराता कि पुलिस से शिकायत करता। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर भी कोई मामला क्यों नहीं दर्ज किया? आला अधिकारियों तक बात नहीं पहुंचती तो शायद पुलिस जांच भी नहीं शुरू करती। पुलिस के इस रवैये से रमानंद काफी परेशान है।

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