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तीन-चार थानों को मिलाकर हर जिले में गठित होगी टीम

 फिरौती के लिए अपहरण और रंगदारी जैसे मामलों में शामिल अपराधियों पर निगाह रखने और उनकी धर पकड़ के लिए टास्क फोर्स का गठन होगा। योजना के तहत हर जिले में तीन-चार थानों को मिलाकर टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने राज्य में फिरौती के लिए अपहरण,रंगदारी, बैंक डकैती ,रोड लूट और रोड डकैती की वारदातों में शामिल अपराधियों और गिरोहों का पिछले 15 वर्षो का रिकार्ड खंगालने की योजना बनायी है।

पुलिस जेल में बंद और जेल के बाहर सक्रिय अपराधियों की सूची बनाएगी और उसे लगातार अपडेट किया जाएगा। इस सूची के आधार पर पुलिस उन अपराधियों की गतिविधियों पर निगाह रखेगी जिनका गैंग लीडर जेल में है लेकिन उन्होंने नया गैंग बना लिया है। इसके साथ ही फरार चल रहे अपराधियों की सूची भी तैयार की जाएगी। जोनल स्तर पर डीआईजी को ऐसे अपराधियों की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी दी गयी है। यह सूची थाना स्तर पर गठित टास्क फोर्स को सौंपी जाएगी।

अपराधियों की धर-पकड़ के लिए टास्क फोर्स को टार्गेट दिया जाएगा। खास बात यह होगी कि टास्क फोर्स में थाना प्रभारियों को लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें थाने के काम से मुक्त रखा जाएगा। टास्क फोर्स में अलग-अलग तरह के अपराध की गुत्थी सुलझने में महारत रखने वाले थाना प्रभारियों को अलग-अलग जिम्मेवारी सौंपी जाएगी। मसलन अपहरण, बैंक डकैती, रोड लूट, रोड डकैती और रंगदारी जैसे अपराधों में शामिल बदमाशों की धर-पकड़ के लिए अलग-अलग विंग होगी।

उनका एक सूत्री कार्यक्रम होगा अपराधियों की ट्रैकिंग और उनकी धर-पकड़। टास्क फोर्स राज्य में कहीं भी मूवमेंट करेगा। वसे अपराधियों पर भी निगाह रखी जाएगी जो जमानत पर जेल से बाहर हैं। पुलिस यह देखेगी कि जमानत पर छूटने के बाद अगर वे अपराध कर रहे हैं तो फिर उनकी जमानत रद्द करवाने की कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं सौंपे गए टास्क में फेल होने पर अफसरों पर कार्रवाई भी होगी। 

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  • Web Title:बड़े अपराधियों की धर-पकड़ के लिए टास्क फोर्स