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आठ सौ की आबादी वाले हर इलाके में आंगनबाड़ी केन्द्र खोले जाएंगे

आठ सौ की आबादी वाले हर इलाके में आंगनबाड़ी केन्द्र खोले जाएंगे। छह साल तक का हर बच्चे और उनकी माताएं आंगनबाड़ियों से लाभान्वित हों यह सुनिश्चित किया जाएगा। बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के गुड़गांव मंडल के अधिकारियों, इलाके के सरपंचों और पार्षदों की विशेष बैठक में यह बात सामने आई। इस मौके पर राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त निदेशक शशी दून ने कहा है कि विभाग में समेकित बाल विकास परियोजना के तीसरे चरण में 800 की जनसंख्या पर एक आंगनबाडी सेन्टर खोलने का प्रस्ताव विचाराधीन है।

बैठक में गुड़गांव जिला सहित फरीदाबाद, नूंह, महेन्द्रगढ़ व रेवाड़ी जिलों की सभी कार्यक्रम अधिकारियों, आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों, पंचों, सरपंचों और पार्षदों ने भाग लिया। Þाीमती दून कहा कि इस बैठक में पंचों व सरपंचों को इसलिए शामिल किया गया है कि उनके गांव में जहां 800 या इससे ऊपर जनसंख्या है या वहां पर अतिरिक्त सैन्टर खोलने की जरूरत है तो वे भी अपने सुझव इस बैठक में रख सकें। महिला एवं बाल विकास विभाग में पहले चरण के अन्तर्गत यह स्कीम सन 1975 में बनी थी उसके बाद जनसंख्या में काफी बढ़ोतरी हुई और सन 2006 में समेकित बाल विकास परियोजना के दूसरे चरण के तहत 10 साल बाद अतिरिक्त सेन्टर स्वीकृत हुए।

पहले 1000 से 1500 तक की आबादी पर एक आंगनबाड़ी होता था अब तीसरे चरण में 800 की जनसंख्या पर एक आंगनबाड़ी  खोलने का विचार है। इसके बाद 800 से ऊपर 1600 तक की आबादी पर दो आंगनबाड़ी स्वीकृत होंगे। उन्होंने सभी सुपरवाइजरों से कहा कि वे 3 से 6 वर्ष के बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्रों में सरकार द्वारा लागू की गई स्कीम का लाभ दिलवाने के लिए जागरूक करें। कम से कम एक आंगनबाड़ी में 15 बच्चे अवश्य होने चाहिए।

इस बैठक में बाल विकास विभाग,हरियाणा, चंडीगढ़ मुख्यालय की कार्यक्रम अधिकारी मलिका सैनी, बाल विकास विभाग गुड़गांव की कार्यक्रम अधिकारी सुनयना, नूंह से चंचल ढलवाल, रेवाड़ी से संतोष यादव व फरीदाबाद से अनिता नेहरा सहित पांचों जिलों की सीडीपीओ व सुपरवाइजरों ने भाग लिया।

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  • Web Title:सभी इलाकों में खुलेंगे आंगनबाड़ी केन्द्र