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अधिकारियों ने मांगे 120 डॉक्टर व 100 स्वास्थ्यकर्मी

आगामी 8 जुलाई से शुरू होने वाले विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले की तैयारियों में देवघर का स्वास्थ्य महकमा भी जुट गया है। मासव्यापी श्रावणी मेले की सफलता को लेकर विभागीय अधिकारियों की बैठकों का दौर भी जारी है। मेले को लेकर विभिन्न निर्णय लिये जा चुके हैं।

निर्णयानुसार राज्य सरकार को आवश्यकताओं के बाबत जानकारी भेज दी गयी है। मेले के दौरान इस वर्ष स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण कोई भी चूक नहीं चाहते हैं। कामनालिंग बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना करने के लिये पहुंचने वाले शिवभक्त्त कांवरियों व श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य विभाग की ओर से हरसंभव सुविधा मुहैया कराने का दावा विभागीय अधिकारीगण कर रहे हैं। सिविल सजर्न डॉक्टर प्रतापनाथ झा के अनुसार इस वर्ष श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं के हितों को ध्यान में रखते हुए तीन अस्थायी अस्पताल खोले जा रहे हैं।

हर वर्ष सिर्फ दुम्मा में अस्थायी अस्पताल का निर्माण कराया जाता था जबकि इस वर्ष दुम्मा में 20 बेड वाले अस्थायी अस्पताल के अलावे बीएड कॉलेज मैदान में 10 बेड एवं बाबा बैद्यनाथ मंदिर से सटे पाठक धर्मशाला में 5 बेड का अस्थायी अस्पताल खोला जा रहा है। सभी अस्थायी अस्पतालों में सजर्न सहित हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की भी प्रतिनियुक्ति करायी जा रही है। इसके अलावे अस्थायी अस्पतालों में कार्डियक यूनिट की भी तमाम सुविधाएं दिलायी जाएंगी। उन्होंने बताया कि मेले में कुल 132 डॉक्टरों एवं 200 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को लगाया जाएगा। इसके लिये सरकार से 120 डॉक्टर व 100 स्वास्थ्यकर्मियों की मांग की गयी है।

आईसीयू मेले में बिल्कुल दुरूस्त हो जाएगा। मेले में दम घुटने से श्रद्धालुओं की होने वाली मौत पर रोक लगाने की दिशा में विभाग सार्थक पहल कर रहा है। सीएस डा. झा ने बताया कि श्रावणी मेला को राज्य सरकार से 40 लाख रूपये की मांग की गयी है। राशि अभीतक अप्राप्त है परंतु शीघ्र ही उसके मिलने की संभावना है।

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