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अस्पतालों में तीन दजर्न भर्ती, एक की हालत गंभीर

दूषित पानी व गंदगी के कारण डायरिया ने सूफी सरैंया के बाद रसूलपुरा व काजीसदुल्लाहपुरा क्षेत्र में भी पांव पसारना शुरु कर दिया है। बुधवार को डायरिया से एक बच्ची की मौत हो गयी। जबकि विभिन्न सरकारी व निजी अस्पतालों में तीन दजर्न मरीजों को भर्ती कराया गया। इनमें सरैंया की नेहा आरा की हालत गंभीर बतायी गयी है। सरैंया पक्का महाल निवासी निसार की तीन माह की पोती की मंगलवार की देर रात डायरिया से हालत बिगड़ गयी।

परिवार के लोग अस्पताल ले जने की तैयारी कर रहे थे कि उसने दम तोड़ दिया। इसी क्षेत्र की साबरीन (8 वर्ष) की डायरिया से दो दिन पहले मौत हो चुकी है। उधर, क्षेत्र में कैम्प कर रहे संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. सुधाकर पाण्डेय ने बच्ची की मौत डायरिया से होने की बात से इनकार किया है। जम्यिा अस्पताल में आज डायरिया से सूफी शहीद की मीरा देवी (25), अफसाना (10), निहाला (12), साबिया परवीन (22), मो. सैफ को भर्ती कराया गया।

बुनकर अस्पताल के ईएमओ डॉ. अजहर ने बताया कि आज उनके यहां रसूलपुरा व काजीसदुल्लाहपुरा क्षेत्र के एक दजर्न डायरिया पीड़ित मरीज पहुंचे। इनमें ख्वाजपुरा के मो. नसीम (6 माह), काजीसदुल्लाहपुरा के रज्जाक (3 वर्ष), नाजिया (6 वर्ष), मुबारक (3 वर्ष), मुस्कान (4 वर्ष), रसूलपुरा की रुखसाना (डेढ़ वर्ष) व दोषीपुरा के इमामुद्दीन (5 वर्ष) भर्ती है। मंडलीय अस्पताल में डायरिया से सरैया की नेहा (5) व अकबल (ढाई वर्ष), कटिहार की फातमा बीबी (15), छित्तनपुरा के हसनैन (डेढ़ वर्ष), तेलियाबाग की कमला देवी (6), लोहटिया के चन्द्र प्रकाश, बड़ी पियरी की बिंदू (27), आगरा निवासी विकलांग पर्यटक प्रमोद गुप्ता (32), फुलवरियां की अमीना (9 माह), सलारपुर की जनकी (40), शिवसागर, बिहार के दशरथ (60) आदि भर्ती कराए गए।

उधर, संक्रामक रोग प्रभावित क्षेत्र सरैंया स्थित प्राथमिक पाठशाला में लगे चिकित्सा कैम्प में आज 55 मरीजों ने इलाज कराया। इनमें छह डायरिया के छह, अन्य सर्दी-जुकाम व बुखार से पीड़ित थे। इसके अलावा वात्सल्य बाल चिकित्सालय, लक्ष्मी मेमोरियल चिल्ड्रेन अस्पताल व दीनदयाल अस्पताल में एक दजर्न से ज्यादा डायरिया पीड़ित भर्ती कराए गए हैं।

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  • Web Title:सरैयां में डायरिया से एक और मौत