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जलार्पण की नयी व्यवस्था पर पंडा समाज को एतराज

श्रावणी मेला के दौरान बासुकीनाथधाम मंदिर में कांवरियों की सुविधा के लिये जलार्पण मंडप के माध्यम से बाबा को जल चढ़ाने की हो रही नई व्यवस्था पर पंडा समाज ने कड़ा एजराज जताया है। पंडा समाज की 27 मई को मंदिर प्रांगण में उक्त व्यवस्था के विरोध में हुई एक बैठक के बाद यह घोषणा की गयी है कि पाईप से बाबा को जलार्पण की व्यवस्था नहीं चलने दी जायेगी और पंडा समाज इसके विरोध में आन्दोलन करेगा।

इधर दुमका के डीसी प्रशांत कुमार ने कहा है कि जलार्पण की यह अतिरिक्त व्यवस्था है। यह वसे कांवरियों की सुविधा के लिये है जो भीड़ के कारण जल चढ़ाने में समर्थनहीं हो पाते हैं। डीसी ने बताया कि यह ऑप्शनल है। मंदिर गर्भगृह तक कतारबद्ध होकर जलार्पण की पहले से चली आ रही व्यवस्था भी जारी रहेगी। बासुकीनाथ में हुई पंडा समाज की बैठक में मणिकांत झ, गौरीशंकर झ, कुंदन झ, वार्ड पार्षद पंडा मनोज कुमार झ, संजय झा, लालू मिश्रा, प्रेमशंकर झ, मुक्तितनाथ झा, भूतनाथ वदिक, जुगनू बाबा, गौतम पत्रलेख समेत काफी संख्या में पंडा समाज के गणमान्य लोग मौजूद थे। मंदिर प्रशासन द्वारा बासुकीनाथ मंदिर के पश्चिमी दरवाजे पर स्थित जजर्र कीर्तनशाला को तोड़कर जलार्पण मंडप का निर्माण किया जा रहा है।

इस जलार्पण मंडप से श्रद्धालुओं को बाबा को जलार्पण की सुविधा मिल सकेगी। श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित जल बाबा मंदिर गर्भगृह तक पाइप द्वारा पहुंचाने की व्यवस्था रहेगी। इस मंडप में सीसी टीवी के माध्यम से गर्भगृह के दर्शन की व्यवस्था की जा रही है। पर पंडा समाज जलार्पण मंडप निर्माण एवं पूज की नयी अतिरिक्त व्यवस्था को शिवलिंग पूजा के लिए हिन्दू धार्मिक आस्था के खिलाफ मानता है। मंदिर पूजा व्यवस्था से जुड़े़ महत्वपूर्ण फैसले को बगैर पंडा समाज को विश्वास में लिये किये जाने पर भी यहां के पंडा समाज को एतराज है।

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