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पीयू को भुगतना होगा हरजाना

पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा जारी होने वाली परीक्षार्थियों की कट ऑप लिस्ट में नाम न होने को जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण ने सेवा में कोताही माना है। कटऑफ लिस्ट में नाम न होने के कारण परीक्षा में बैठने की मनाही के चलते सेवा में कोताही की एक शिकायत पर फोरम ने पीयू को पचास हजार रुपए हरजाना भुगतने के निर्देश जारी किए हैं। यह शिकायत एक परीक्षार्थी ने दी थी। हालांकि उसके तुरंत प्रयास के चलते वह परीक्षा में बैठने की अनुमति लेने में कामयाब हो गया था, लेकिन परीक्षा में वह डेढ़ घंटे देरी से बैठ पाया था।


फोरम के मुताबिक मामला मलोया के गुरदीप सिंह की परीक्षा का था। अप्रैल 09 में वह बीए फाइनल की परीक्षा में बैठा था। पीयू ने उसका परीक्षा केंद्र सेक्टर-11 स्थित लड़कों का सरकारी कॉलेज बनाया था। एक अप्रेल को गुरदीप परीक्षा देने पहुंचा तो कालेज में सेंटर सुपरीटेंडेंट ने यह कहते हुए परीक्षा में बैठाने से मना कर दिया कि वह जिस विषय की परीक्षा देने पहुंचा है। उस विषय की कटऑफ लिस्ट में उसका नाम नहीं है। गुरदीप द्वारा बार-बार आग्रह करने पर उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी गई, लेकिन परीक्षा शुरू होने के डेढ़ घंटा बीत जाने के बाद गुरदीप ने फोरम से शिकायत की थी कि पीयू और सेंटर सुपरीटेंडेंट के इस रवये की वजह से उसे मानसिक परेशानी हुई है और वह अच्छे से परीक्षा नहीं दे सका। उसका परिणाम भी इस वजह से खराब आया। इसके बाद गुरदीप ने पीयू और सेंटर सुपरिंटेंडेंट की सेवा में कोताही बताते हुए फोरम से शिकायत की। तथ्यों के आधार पर फोरम ने पीयू को हिदायत दी है कि वह गुरदीप को पचास हजार रुपए हरजाना अदा करे।

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