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‘लूट’ के लिए अधिकारियों और डीलरों का नया फामरूला

कृषि यंत्र खरीदे बिना ही किसान को अनुदान देने के बहाने सरकारी राशि हड़पने के मामले अभी भंडाफोड़ हुआ ही था कि अधिकारियों और डीलरों ने ‘लूट’ का एक नया फार्मूला इजाद कर लिया। अब वे किसान के पुराने यंत्रों को दिखाकर अनुदान का पैसा गड़प करने लगे हैं। इस नये मामले की जनकारी मिलते ही मुख्यालय के अधिकारियों के होश फाख्ता हो गये। धांधली के इस नायाब फार्मूले से परेशान विभाग ने राज्यभर में वितरित कृषि यंत्रों की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया है।

कमेटियां प्रमंडलस्तर पर संयुक्त कृषि निदेशकों (जेडीए)के नेतृत्व में गठित की हैं। उप निदेशक या सहायक निदेशक स्तर के एक पदाधिकारी के अलावा प्रमंडलीय कृषि अभियंता इस कमेटी के सदस्य बनाये गये हैं। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बेगूसराय में ऐसी शिकायत पर एक अधिकारी ने वहां वितरित दस पावर टीलर और थ्रेसर मशीनों के साथ अन्य कृषि यंत्रों की जांच की तो पता चला कि मात्र एक ही किसान को सही मायने में अनुदान का लाभ दिया गया है।

शेष सभी मामले फर्जी पाये गये। अधिसंख्य किसानों के पुराने यंत्रों को दिखाकर अनुदान की राशि हड़प ली गई है। एक किसान के पास तो पुरानी मशीन भी नहीं मिली। इसके पूर्व सुपौल जिले में इस तरह की गड़बड़ी पहले उजगर हो चुकी है। वसे कृषि यंत्रों के लिए बाजार दर से भी ज्यादा कीमत अदा करने की शिकायत लगभग सभी जिलों से मिल रही है।

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  • Web Title:पुराने कृषि यंत्रों को दिखाकर हड़प गये अनुदान के पैसे